रायपुर, 17 सितंबर। Rashtriya Poshan Maah : देशभर में राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का शुभारंभ आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की भी शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में पोषण के महत्व को बढ़ावा देना और समाज को कुपोषण मुक्त बनाना है।
छत्तीसगढ़ में भव्य आयोजन
राज्य स्तर पर इस अभियान का मुख्य आयोजन रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में किया गया, जहां कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11 बजे हुई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी भाग लिया।
16 अक्टूबर तक चलेगा पोषण माह
17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस पोषण माह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से, हेल्थ कैंप्स, पोषण पंचायतें, मिलेट्स (मोटे अनाज) को बढ़ावा,,स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पोषण गतिविधियाँ, कुपोषित बच्चों की पहचान और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मोटे अनाज (मिलेट्स) को मिलेगा प्रोत्साहन
इस वर्ष पोषण माह की थीम में ‘मिलेट्स युक्त आहार-पोषण की कुंजी’ पर विशेष बल दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण आहार में रागी, कोदो, कुटकी जैसे पारंपरिक मोटे अनाज को शामिल किया जाएगा, जिससे पोषण स्तर बेहतर हो और स्थानीय किसानों को बाज़ार भी मिले।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संबोधन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा, छत्तीसगढ़ को कुपोषण से मुक्त करना हमारी प्राथमिकता है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, महिलाओं में रक्ताल्पता की रोकथाम और स्वदेशी आहार को बढ़ावा देने पर हमारा विशेष फोकस रहेगा।
क्या बोले विशेषज्ञ?
पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि, स्वस्थ समाज की नींव महिलाओं और बच्चों के पोषण पर आधारित होती है। यदि एक महिला स्वस्थ होगी, तो पूरा परिवार सशक्त होगा।
अभियान की प्रमुख गतिविधियाँ
- आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन और ऊंचाई मापन अभियान
- एनीमिया की जांच और उपचार
- गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए पोषण शिक्षा सत्र
- स्कूलों में पोस्टर/निबंध/पोषण रैली जैसे कार्यक्रम
- स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी
राष्ट्रीय पोषण माह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ भारत की नींव है। इसके माध्यम से जन-जागरूकता, नीति-निर्माण और व्यवहार परिवर्तन को प्रेरित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इस दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल पेश करने की ओर अग्रसर है।

