बिलासपुर, 19 अगस्त। Update on Liquor Scam : बिलासपुर से छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले (लगभग ₹2,165 करोड़) का एक नया, महत्वपूर्ण अपडेट है, जिसमें हाईकोर्ट ने 28 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है और ईओडब्ल्यू तथा एसीबी को शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में हाईकोर्ट ने 28 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) और ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करें। अदालत ने कहा कि इतने बड़े भ्रष्टाचार के मामलो में किसी प्रकार का संरक्षण नहीं मिल सकता।
इस से पहले, 7 जुलाई 2025 को EOW ने विशेष अदालत में 28 अधिकारियों के खिलाफ करीब 2,300 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी वो भी ₹2,161 करोड़ के प्रारंभिक आंकड़े पर आधारित थी।
लेकिन जारी जांच के अनुसार, यह घोटाला अब ₹3,200 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, जिसमें निलंबित अधिकारियों की संख्या, चालान की संख्या, और गिरफ़्तारी की कार्रवाई बढ़ रही है।
इस बीच, कई प्रमुख नाम (जैसे पूर्व मंत्री कवासी लखमा, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर आदि) पहले से ही जेल में बंद हैं, और उनका भी केस आगे बढ़ता जा रहा है।

