रायपुर, 05 अगस्त। CGMSC (Chhattisgarh Medical Services Corporation Limited) मेडिकल उपकरण और रिएजेंट की खरीद में कुल लगभग ₹411 करोड़ के गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। इस घोटाले में मोक्षित कॉर्पोरेशन, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज आदि कंपनियों की संलिप्तता सामने आई है, और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।
इस घोटाले की जाँच ACB‑EOW (राज्य आर्थिक अपराध शाखा) द्वारा की जा रही है। आरोपी डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को 29 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया और अतिरिक्त रिमांड प्राप्त कर पूछताछ की गई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक संयुक्त, सुनियोजित आर्थिक अपराध है। जमानत देने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है, इसलिए शशांक चोपड़ा की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया।
ED की हालिया ताज़ा कार्रवाई
- 30–31 जुलाई 2025 को ED ने 20 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें शशांक चोपड़ा, उनके परिवार, उनके सहयोगियों और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों के कार्यालय और निवास शामिल थे।
- इस कार्रवाई के दौरान, ED ने करीब ₹40 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ अटैच की हैं, जिसमें बैंक खातों में जमा रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट, डीमैट शेयर, और वाहन शामिल हैं। यह कार्रवाई PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की धारा 17 के तहत की गई।
- शशांक चोपड़ा पिछले तीन महीने से जेल में हैं। मामले की जांच में ED की एंट्री ने जांच को और गहराई दी है और यह संभावित मनी लॉन्ड्रिंग प्रावधानों के अंतर्गत आगे बढ़ रही है।
निजी से सरकारी संस्थागत खरीद व्यवस्था में मिलीभगत, मूल्य वृद्धि और निकायों के बीच फर्जी कंपनियों के इस्तेमाल जैसी बातें इस पूरे मामले को गंभीर बनाती हैं।

