Beaver Rape Blackmail Scandal
राजस्थान का ब्यावर आजकल लव जिहाद के लिए चर्चा में हैं। यहां एक कुछ मुस्लम लड़कों ने स्कूली हिंदू लड़कियों से पहले रेप किया, उसके वीडियो बनाए, ब्लैकमेल किया। इतना ही नहीं उन्हे जबरन रोजा रखवाया मस्जिद ले जाकर और कलमा पढ़वाया। राजस्थान के इस केस वर्षों पहले अजमेर दरगाह में हुए इसी तरह की गुनाह की एक बार फिर चर्चा हो ही है।
अजमेर। रोमियो जिहाद या फिर लव जिहाद सिर्फ भोली-भाली हिंदू युवतियों को प्रलोभन, लालच देकर प्रेम के जाल में फंसाने के किस्से नहीं है। लव जिहाद सिर्फ आबादी बढ़ाने और धर्मांतरण को बढ़ावा देने के प्रयास भर भी नहीं है। लव जिहाद सिर्फ नाम और पहचान बदलकर आए एक धर्म विशेष की गंदगी से उपजे भेड़ियों की नापाक साजिशें ही हैं। इन्हीं साजिशों में का शिकार कभी श्रद्धा वालकर, साक्षी, सीमा गौतम, अनामिता, यशोदा, रबिता पहाड़िन, तनिष्का शर्मा, निकिता तोमर, चयनिका और टिक-टॉक स्टार शिवानी जैसी सैकड़ों हिंदू लड़कियों हुई हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि ये मामले उजागर हुए चर्चा में गए अनगिनत केस हैं जो इस साजिश का शिकार हो रहे हैं। अब बात करते हैं ब्यावर में मुस्लिम युवकों के गिरोह की जिन्होंने नाबालिग स्कूली हिन्दू बच्चियों को फंसाकर उनका शोषण किया। उन्हें ब्लैकमेल किया, उनका धर्म परिवर्तन करने की कोशिश की।

राजस्थान में सामने आए इस साजिशन रोमियो जिहाद को अजमेर कांड का पार्ट 2 भी कह सकते हैं। यहां के ब्यावर जिले के विजयनगर में मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा स्कूल में पढ़ रही नाबालिग हिंदू लड़कियों को फंसाकर ब्लैकमेल, यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का मामला आया है। मामले को खुलासा एक लड़की द्वारा पिता की जेब 2000 रुपए चुराने के बाद हुआ। इसे लेकर स्थानीय लोगों, अभिभावकों और हिंदू संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया और मामला दर्ज कराया।
Beaver Rape Blackmail Scandal
लोगों के अनुसार, करीब 12-15 युवकों का गिरोह यह सब कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। गौरतलब है कि नब्बे के दशक में अजमेर में ठीक इसी तरह का हिंदू लड़कियों के रेप और यौन शोषण का मामला सामने आया था, जिसमें कई लड़कियों में शर्मनाक स्थिति में फंसने के बाद आत्महत्या तक कर ली थी।

रोमियो जिहाद और ब्लैकमेल कांड के आरोपियों ने जुर्म कबूला
विजयनगर में आए इस ब्लैकमेल कांड में आरोपी सोहेल हुसैन और मोहम्मद लुकमान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उन्होंने रोमियो बनकर मासूम छात्राओं को मोबाइल दिए और उनको बहलाने-फुसलाने के लिए लगातार जाल बिछाया। पुलिस के अनुसार आरोपी करीम ने सबसे पहले स्कूली छात्राओं से संपर्क किया और उन्हें अपने जाल में फंसाने की शुरुआत की। इसके बाद उसके दोस्त सोहेल और लुकमान ने भी स्कूल जाने वाली हिंदू बच्चियों को ले जाने की योजना बनाई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि छात्राओं को फंसाने के लिए उन लोगों ने अलग-अलग तरीके अपनाए।
एक लड़की को ब्लैकमेल कर दूसरी लड़की को फंसाया
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले निजी स्कूल की एक छात्रा को फंसाया। उसे मोबाइल दिया। उसके साथ कैफे लेकर शोषण किया फिर उसे प्रताड़ित और ब्लैकमेल करने लगे। इसके बाद उसके सामने शर्त रखी कि वह अपने क्लास की दूसरी छात्राओं से संपर्क कराए तो वह उसे छोड़ देंगे। इस तरह बालिका से उसकी कक्षा में पढ़ने वाली पांच-छह बालिकाओं को जाल में फंसाया और उन्हें भी डरा-धमका कर ब्लैकमेल करने लगे। आरोपी अपने धर्म की चीजों को अपनाने का भी दबाव बनाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में रिहान मोहम्मद, सोहेल मंसूरी, लुकमान, अरमान पठान और साहिल कुरैशी शामिल हैं।

जाति के हिसाब से लड़कियों का रेट
एक पीड़ित छात्रा के परिजनों ने बताया कि बच्ची स्कूल में जाती तो लड़के परेशान करते थे। पर्ची में नंबर लिखकर रास्ते में फेंक देते। कुछ दिनों बाद लड़कों ने बच्ची को धमकाना शुरू कर दिया। एक छोटा मोबाइल फोन मिला, उससे लड़के बात करते थे और नई-नई गाड़ी दिखाकर धर्मपरिवर्तन के लिए बच्ची का माइंडवाश करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि अपने जाल में फंसाने के लिए लड़के हर रोज नई-नई गाड़ियां लेकर आते थे। कभी कार, कभी बुलेट… अलग-अलग गाड़ियां होती थीं। छात्रा ने कहा, “उन लोगों ने एक बार बोला था कि ब्राह्मण की छोरी को बेचेंगे तो 20 लाख रुपये मिलेंगे और तुझे (दलित) बेचेंगे तो 10 लाख रुपये मिलेंगे।”
Beaver Rape Blackmail Scandal
क्या है लव जिहाद
वास्तविकता में लव जिहाद आतंकवाद का ही दूसरा चेहरा है। यह हिंदू बेटियों पर अंतहीन अत्याचार, उनके धर्मांतरण और जिहाद की जुगुत्सा का बेहद वीभत्स और जीवंत चित्रण है। लव जिहाद या रोमियो जिहाद एक षड्यंत्र है, जिसके तहत मुस्लिम लड़के, गैर-मुस्लिम लड़कियों के साथ प्यार का ढोंग उनका रेप करते हैं, शादी का झांसा देकर उनका धर्म-परिवर्तन कराते हैं।

ब्लैकमेलिंग और शोषण का ऐसे खुला राज
एक पीड़ित बालिका ने आरोपियों को देने के लिए घर से दो हजार रुपए चुराए। इसी दौरान घर से पैसे चोरी होने पर घरवालों ने बालिका पर नजर रखनी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने बेटी को किसी से मोबाइल पर बात करते हुए पकड़ लिया। उससे पूछताछ की तो सारे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित परिवार ने लव जिहाद के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने योजना बनाकर आरोपियों द्वारा बालिका को दिए गए मोबाइल के जरिए ही उन्हें जाल में फंसाया। मौके पर आने के बाद उन्हें दबोच लिया। बाद में कार्रवाई कर मामले में शामिल कुछ अन्य युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। मामले के बाद हिंदू संगठनों में रोष है। सोमवार को विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन के समक्ष ऐतराज जताकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पेशी के दौरान कोर्ट में आए आरोपियों को वकीलों ने पीटा
विजयनगर ही नहीं, पूरे जिले में मुस्लिम युवकों के इस वीभत्स कांड को लेकर बहुत ज्यादा गुस्सा है। ब्यावर में स्कूली छात्राओं से रेप और ब्लैकमेल करने के 6 आरोपियों को पेशी के दौरान कोर्ट में इसीलिए वकीलों ने खूब पीटा। पुलिस बड़ी मुश्किल से आरोपियों को बचाकर ले गई। इससे पहले कोर्ट ने आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर भेज दिया। एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया। मामले में 6 आरोपियों रिहान मोहम्मद (20), सोहेल मंसूरी (19), लुकमान उर्फ सोहेब (20), अरमान पठान (19) , साहिल कुरैशी (19) और अफराज (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं 1 नाबालिग को डिटेन किया है।

दूसरी लड़की से संपर्क कराने पर छोड़ने का देते थे झूठा आश्वासन
पुलिस ने बताया 3 लड़कियों के घरवालों ने सामूहिक रूप से शिकायत दी थी। गिरोह के पास हमारी बेटियों के अलावा अन्य नाबालिग लड़कियों के फोटो और वीडियो है, जिससे उनको ब्लैकमेल किया जा रहा है। अन्य लड़की से संपर्क कराने पर इन्हें छोड़ने का झूठा आश्वासन दिया जाता है। सरकारी वकील रूपेंद्र परिहार ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 7 दिन का पुलिस कस्टडी मांगी है। कोर्ट को बताया गया कि अभियुक्तों ने पीड़िताओं को मोबाइल और खिलौने दिए। वह मोबाइल कहां से और किस दुकान से खरीदे गए। पीड़ितों को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आरोपियों ने उनके अश्लील फोटो-वीडियो किन-किन व्यक्तियों को भेजे। उसकी जांच की जानी है। आरोपी किस-किस होटल और कैफे में पीड़िताओं को लेकर गए। उसकी जांच की जानी है। इसके लिए सात दिन का पीसी रिमांड मांगा। जिस पर कोर्ट ने चार दिन का पुलिस कस्टडी में भेजा है।
Beaver Rape Blackmail Scandal
आरोपियों का अजमेर ब्लैकमेल कांड जैसा ही तरीका
सभी आरोपियों का नाबालिग बच्चियों को फंसाने और शिकार करने का तरीका साल 1992 में हुए अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों के तरीके जैसा ही था। यहां भी आरोपियों ने एक ही प्राइवेट स्कूल की बच्चियों को टारगेट कर रखा था। दरअसल इन सभी बच्चियों के स्कूल आने-जाने का रास्ता कुछ आरोपियों के मोहल्ले के पास से होकर गुजरता था। आरोपियों ने इसका ही फायदा उठाया था गिरोह में शामिल आरोपी हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फांस रहे हैं। उन्हें छोटे-छोटे खिलौने और मोबाइल जैसे प्रलोभन देकर फंसा रहे थे। ये लोग धमकियां देकर मिलने का दबाव बनाते थे। उनके साथ जबरदस्ती कैफे में चलने और उनकी पसंद के कपड़े पहनने के लिए दबाव बनाते थे। आरोपी शारीरिक शोषण के लिए लड़कियों को एक-दूसरे की सहेलियों से मिलवाने का दबाव बनाते थे। मना करने पर घरवालों को जान से मारने की धमकियां भी दी थी।

हिंदू लड़कियों से कलमा पढ़वाते और रोजा रखवाते
आरोपी मुस्लिम लड़कों ने हिंदू लड़कियों को डराने-धमकाने की इंतेहा कर दी थी। जब बच्ची स्कूल जाती तो उसे रास्ते में रोक लेते। उसके साथ जबरदस्ती करते। दबाव बनाते कि हमारे साथ कैफे और होटलों में घूमने चलो। किसी भी तरह वह लड़की फंस जाती तो उससे कलमा पढ़वाते। रोजा रखवाते। प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही नाबालिग लड़कियों का देहशोषण और ब्लैकमेल कर धर्मांतरण का दबाव बनाने के मामले में कई नई बातें सामने आई हैं। दरिंदगी का शिकार हुई लड़कियों के परिजनों ने बताया कि बच्ची बहुत ज्यादा डरी हुई है। वो किसी से बात नहीं कर पा रही है।
Beaver Rape Blackmail Scandal
एक भी आरोपी स्कूल में नहीं पढ़ता, कोई मजदूर तो कोई वेल्डर
सभी आरोपी दोस्त हैं। इनमें से कुछ एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। सभी हमाली, वेल्डिंग, पेंट करने और फर्नीचर का काम करते हैं। एक भी आरोपी स्कूल में नहीं पढ़ता है। इसके बावजूद इन्होंने कई स्कूल गर्ल्स को फंसा लिया। इन्होंने जिन लड़कियों को शिकार बनाया, वे भी एक ही मोहल्ले के आस-पास की रहने वाली हैं। आरोपियों ने एक के बाद एक कई लड़कियों को शिकार बनाया। गिरोह में शामिल हर आरोपी इन लड़कियों के नंबर एक-दूसरे से शेयर करता था। जो भी लड़की आरोपियों का शिकार बनती, उसके अश्लील फोटो वीडियो बना लिए जाते। इसी के दम पर ब्लैकमेल किया जाता। लड़कियों पर रोजा रखने और कलमा पढ़ने के लिए भी दबाव डाला जाता था।
