Matru Vandana Yojana
ओडिशा की मोहन माझी सरकार ने मातृ एवं शिशु कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में ममता योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को सह-ब्रांड कर लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई नीति के तहत अब राज्य में लड़कियों के जन्म पर महिलाओं को 12,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि लड़कों के जन्म पर यह राशि 10,000 रुपए निर्धारित की गई है।

वहीं सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है। बेटियों के जन्म पर अधिक प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय यह दर्शाता है कि सरकार लिंग समानता और बेटियों के महत्व को बढ़ावा देना चाहती है।
ममता योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का तालमेल
- ममता योजना: यह योजना ओडिशा सरकार की प्रमुख मातृत्व लाभ योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे बेहतर पोषण और स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित कर सकें।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को नकद लाभ दिया जाता है।
अब इन दोनों योजनाओं के एक साथ कार्यान्वयन से लाभार्थियों तक सहायता अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर मां को उसका हक मिले और बेटियों के जन्म को उत्सव की तरह मनाया जाए। यह कदम हमारे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।”
गौरतलब है कि मोहन माझी सरकार का यह फैसला महिला सशक्तिकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार और बेटियों के महत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक साहसिक कदम है। इससे ओडिशा में एक नई सामाजिक सोच विकसित होने की उम्मीद है, जहां बेटियों को बोझ नहीं बल्कि गर्व का प्रतीक माना जाएगा।

