National Sports Awards 2024
नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को दो बार ओलंपिक पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर और युवा शतरंज विश्व चैंपियन डी गुकेश समेत चार खिलाड़ियों को खेल रत्न से सम्मानित किया।
भाकर और गुकेश के अलावा पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले हाई जंपर प्रवीण कुमार को भी देश का सर्वोच्च खेल सम्मान यानी खेल रत्न दिया गया।

मनु भाकर ने रचा इतिहास
इस साल का समारोह खास तौर पर डी. गुकेश के शामिल होने के कारण उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने कम उम्र में ही विश्व शतरंज चैंपियन का खिताब जीता है और मनु भाकर ने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है।
हरमनप्रीत और प्रवीण को भी खेल रत्न पुरस्कार खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले अन्य दो खिलाड़ियों हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार ने भी अपने खेल में उल्लेखनीय योगदान दिया है। हरमनप्रीत ने टोक्यो और पेरिस ओलंपिक दोनों में भारतीय हॉकी टीम की कांस्य पदक जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इस बीच, प्रवीण कुमार ने टोक्यो में अपने पिछले रजत पदक में सुधार करते हुए पैरालिंपिक में ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
किसे मिला कौन सा पुरस्कार
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में न केवल खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं का सम्मान किया जाता है, बल्कि अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कई अन्य खिलाड़ियों का भी सम्मान किया जाता है। इस वर्ष, अभूतपूर्व संख्या में पैरा-एथलीटों को सम्मानित किया गया, जिसमें 34 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं में से 17 पैरा-एथलीट थे। यह पेरिस पैरालिंपिक में पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है, जहां उन्होंने सात स्वर्ण और नौ रजत सहित 29 पदक जीते।
अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में पहलवान अमन सेहरावत, निशानेबाज स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह तथा पुरुष हॉकी टीम के सदस्य जैसे एथलीटों का एक विविध समूह शामिल है, जो पुरस्कारों में मनाए जाने वाले खेल उत्कृष्टता के व्यापक दायरे को दर्शाता है। पुरस्कार विजेताओं का चयन वैश्विक मंच पर भारतीय एथलीटों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर जोर देता है, खासकर ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में।
कैसे चुने जाते हैं खिलाड़ी
इन वार्षिक सम्मानों के लिए चयन एक अंक प्रणाली पर आधारित है। यह प्रणाली ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण जोर देती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल सबसे उत्कृष्ट एथलीटों को ही मान्यता दी जाए।इस कार्यक्रम में भारतीय एथलीटों की उल्लेखनीय प्रतिभा और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर खेलों में उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।

