Chakradhar Samaroh
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 39वां चक्रधर समारोह का शुभारंभ रामलीला मैदान में आज यानी शनिवार को गणेश चतुर्थी से हो रही है। उद्घाटन गणेश पूजा, दीप प्रज्वलन, गणेश वंदना के साथ की जाएगी। इसके बाद यहां 17 सितंबर तक लगातार दस दिनों तक सुर ताल की महफिल सजेगी। इसमें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार शहर पहुंच रहे हैं। तो वही पद्मश्री से सम्मानित विभुतियां भी मंच को सुशोभित करेंगे। ये कलाकार 10 दिनों तक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन कलाकारों को रुकने के लिए शहर के होटलों में व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है।

वाटर प्रूफ पंडाल किये गए है तैयार
इसके लिए रायगढ़ में लगभग तैयरियां हो चुकी है। रामलीला के मैदान में कार्यक्रम स्थल लगभग 29 हजार स्क्वायर फीट में तैयार हो रहा है। जिसमें मुख्य डोम लगभग 22 हजार स्क्वायर फीट का है, जो कि वाटर प्रूफ है। इसके बाद पीछे 3 हजार स्क्वायर फीट वाटर प्रूफ पंडाल भी तैयार किया गया है। इसके अलावा दोनों बाजू में मिलाकर साढ़े 4500 स्क्वायर फीट का अतिरिक्त पंडाल भी तैयार किया गया है।
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आज से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
10 दिवसीय चक्रधर समारोह की शुुरुआत शनिवार 7 सितंबर से होगा। इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में गणेश पूजन, दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से होगा। इसके बाद भूपेंद्र बरेठ और साथी कलाकारों कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद करमा नृत्य की प्रस्तुति जशपुर के मनियर भगत एवं साथी के द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में पद्मश्री हेमा मालिनी राधा रास बिहारी नृत्य नाटिका से होगी।

दस दिवसीय कार्यक्रम पर एक नजर
- सात सितंबर को पद्मश्री रामलाल का सम्मान, इसके बाद भूपेन्द्र बरेठ व टीम की कथक प्रस्तुती, मनियर भगत एवं एवं साथी जशपुर की करमा लोक नृत्य, तत्पश्चात फिल्मी अभिनेत्री हेमा मालिनी द्वारा राधा रास बिहारी पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी।
- आठ सितंबर को विजय शर्मा लोक गायन, वाणी राव, भोपाल शास्त्रीय गायन, पूर्णाश्री राउत, रायपुर ओडिसी, सुश्री दीपान्निता सरकार, दिल्ली का कथक, रंजना गौहार का ओडिशी नृत्य, ए. मंदाकिनी स्वैन, दिल्ली का शास्त्रीय गायन के पश्चात सौगत गांगुली का सरोद वादन।
- नौ सितंबर को जया दीवान, रायगढ़ कथक, रामप्रसाद सारथी, खरसिया शास्त्रीय गायन, धरित्री सिंह चैहान, रायगढ़ कथक, शैंकी सिंह दिल्ली कथक, गजेन्द्र पंडा, आर्या नंदे त्रिधारा ग्रुप ओडिसी नृत्य, जीतू शंकर एवं ग्रुप, मुंबई का तबला संतुर व सितार पर फ्यूजन वादन, इसके बाद चांद अफजल कादरी ग्रुप की कव्वाली।

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- दस सितंबर को अनिता शर्मा, रायगढ़ भजन गायन, सुश्री नीत्या खत्री, रायगढ़ कथक, तपसीर मो. एवं साथी रायपुर अकार्डियन, शिव प्रसाद राव, दिल्ली का शास्त्रीय गायन, राकेश चैरसिया एवं साथी मुंबई का बांसुरी एवं तबला वादन, बासंती वैष्णव एवं ज्योतिश्री बोहिदार रायगढ़ का कथक, तत्पश्चात प्रभजन चतुर्वेदी रायपुर का गजल गायन।
- 11 सितंबर को सौम्या नामदेव, रायगढ़ का कथक, विधि सेनगुप्ता, रायगढ़ ओडिसी, दीपमाला सिंह, रायगढ़ का कथक, अनुष्का सोनी का जबलपुर का सितार वादन, उपासना भास्कर, धमतरी का कथक समूह नृत्य, इसके पश्चात मुंबई से आई मीनाक्षी शेषाद्रि के पश्चात राकेश शर्मा, निशा शर्मा रायगढ़ का गायन होगा।
- 12 सितंबर को अंशुल प्रताप सिंह, भोपाल का तबला वादन, दीक्षा घोष, रायगढ़ भरतनाट्यम, अन्विता विश्वकर्मा, रायपुर कथक, डॉ. आरती सिंह, रायपुर कथक, समूह नृत्य, राहुल शर्मा, रामकुमार मिश्रा, मुंबई के बीच संतुर व तबला पर जुगल बंदी प्रस्तुत की जाएगी, डॉ. जी रथीस बाबू, भिलाई भरत नाट्यम, कुचिपुड़ी के पश्चात इंदिरा कला एवं सगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के द्वारा विविध छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुती होगी।
- 13 सितंबर को हुतेन्द्र ईश्वर शर्मा, रायगढ़ छत्तीसगढ़ नृत्य संगीत, शार्वी केशरवानी, सारंगढ़ कथक, भद्रा व गायत्री शर्मा दिल्ली का भरत नाट्यम, लकी मोहंती कटक का ओडिशी, विद्या प्रदीप, एवं साथी कोच्चि को, मोहिनीअट्टम के पश्चात पद्मश्री डॉ. भारती बंधु, रायपुर को सुफी एवं कबीर गायन होगा।
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- 14 सितंबर को अनंता पाण्डेय, रायगढ़ विविध कला नृत्य, सुश्री शाश्वती बनर्जी, रायगढ़ कथक, कृष्ण भद्रा नंबोदरी मुंबई का भरतनाट्यम, विनोद मिश्रा, सतना का शास्त्रीय गायन, डॉ. रघुपत रूणी श्रीकांत ग्रुप विशाखापटनम गु्रप का कुच्चीपुडी, पौशाली चटर्जी, कोलकाता का मणिपुरी के पश्चात आलोक श्रीवास, दिल्ली का कथक होगा।
- 15 सितंबर को सुश्री पलक देवांगन, रायगढ़ कथक, पंडित प्रदीप कुमार चैबे रायपुर का शास्त्रीय गायन, भूमिसुता मिश्रा, रायपुर ओडिसी, वेदिका शरण, बिलासपुर का कथक, माया कुलश्रेष्ठ दिल्ली का कथक, पद्मश्री देवयानी का भरत नाट्यम, इसके बाद पद्मश्री अनुज शर्मा एण्ड टीम के द्वारा छत्तीसगढ़ी गायन की प्रस्तुती दी जाएगी।
- 16 सितंबर को समारोह के अंतिम दिवस मानसी दत्ता एवं साथी, ग्रुप गुवाहाटी असम के द्वारा बिहू लोकनृत्य की प्रस्तुती, अनिल कुमार गढ़ेवाल एवं साथी, बिलासपुर गेडी लोक नृत्य की प्रस्तुती के बाद देश के मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास, सुरेन्द्र शर्मा एण्ड ग्रुप के द्वारा कवि सम्मेलन का मंचन किया जाएगा।

