साधु का श्राप झेल रहा यह गांव! 300 साल से नहीं मनाई गई होली

साधु का श्राप झेल रहा यह गांव! 300 साल से नहीं मनाई गई होली

होली का त्योहार पूरे देश में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, इस साल होली 25 मार्च को मनाई जाएगी, लेकिन हरियाणा के कैथल जिले में एक ऐसा गांव है जहां पिछले 300 साल से होलिका दहन नहीं होता, तभी यहां रंग भी नहीं खेला जाता है. इसका कारण आपको बताते हैं.

साधु का श्राप झेल रहा यह गांव! 300 साल से नहीं मनाई गई होली

कैथल जिले के रहने वालों का ऐसा कहना है कि होलिका दहन के दिन एक साधु ने ग्रामीणों को श्राप दिया था, किसी अनहोनी के घटने से दुसेरपुर के ग्रामीण लगभग 300 साल से होली का त्योहार नहीं मनाते. यहां 300 साल पहले होलिका दहन मनाने के लिए गांव के लोगोंने सुखी लकड़ियां, उपले और अन्य सामान इकट्ठा किया.

इसे भी पढ़े – 50 लाख लोगो पर भुखमरी का संकट! 7 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषण का शिकार, इस देश पर आई आफत

Holi is not celebrated in this village of Chhattisgarh Devi gets angry  because of playing colours - छत्तीसगढ़ का एक गांव ऐसा जहां देवियों के आदेश  पर नहीं मनाई जाती होली, रंग

लेकिन होलिका दहन के सुनिश्चित समय से पहले कुछ युवाओं को शरारत सुझी युवाओं ने समय से पहले होलिका दहन करने लगे, ऐसा होता देख गांव में स्नेही राम के साधु ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और उन्होंने साधु के छोटे कद होने का मजाक मनाया, साधु के रोकने पर भी वे नहीं रुके और होलिका दहन कर दिया.ॉ

There Is A Shame In Speaking The Name Of This Village, If You Write On  Facebook, You Will Be Blocked, People Are Upset With The Name - इस गांव का  नाम बोलने

ऐसा करने से साधु को गुस्सा आया और उन्होने जलती होली में छलांग लगा दी, साथ ही ग्रामीणों को श्राप दे दिया कि आज के बाद से इस गांव में होली नहीं मनाई जाएगी, जो भी ऐसा करेगा उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, इस घटना के बाद से ही कैथल के इस गांव में होली का त्योहार नहीं मनाया जाता. श्राप देते समय बाबा ने श्राप से मुक्त होने का उपाय भी बताया था. उन्होंने कहा था कि होली के दिन अगर के इस गांव में किसी के भी घर गाय को बछड़ा या किसी के घर में लकड़ा पैदा होता है तो इस श्राप से मुक्ति मिल जाएगी.

 

वायरल