Rajim Kumbh Kalpa 2024
राजिम। छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में धर्म, अध्यात्म, परम्पराओं और संस्कृति का संगम राजिम कुम्भ कल्प का में प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक 15 दिनों का मेला लगता है जिसमे इस बार भारत की सनातन परंपरा की अद्भुत झलक दिखेगी। धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देशन में राजिम कुंभ कल्प के अभूतपूर्व आयोजन की तैयारी जोर-शोर से जारी है।
संगम नगरी का दृश्य अयोध्या धाम की तरह होगा। इस बार की थीम रामोत्सव है। मुख्यमंच अयोध्या धाम के रामलला मंदिर की तरह होगा। राजिम में तीन नदियों का संगम है, इसलिए इसे त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है। यहां मुख्य रूप से तीन नदियां बहती हैं, जिनके नाम क्रमशः महानदी, पैरी नदी और सोंढूर हैं। संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव जी विराजमान हैं।
Rajim Kumbh Kalpa 2024
राजिम कुंभ कल्प का आज से आगाज हुआ है। माघ पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाने हजारों की संख्या में लोग राजिम पहुंचे है। यहां लोग स्नान कर महानदी और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर रहे हैं।
श्रद्धालूओं के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने का सिलसिला सुबह 4 बजे से ही शुरु हो गया है, जो आज दिनभर जारी रहेगा। इसके अलावा राजीव लोचन भगवान, कुलेश्वरनाथ महादेव के मंदिर में भी सुबह से भक्तों लम्बी कतार लगी है। आज शाम मुख्य मंच से होगा विधिवत राजिम कुंभ कल्प का आगाज।
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि मेला परिसर सुगम, सुशासित और सुसज्जित होगा। रामकथा का मंचन थ्री डी मैपिंग, लेजर शो आदि के माध्यम से होगा। इसके लिए मुंबई से एक्सपर्ट टीम बुलाया गया है। थ्री डी प्रोजेक्शन मैप की इस तकनीक से रामकथा का अद्भुत रसपान श्रद्धालु करेंगे।

Rajim Kumbh Kalpa 2024
प्रयागराज कुंभ की विशेषता होती है कि यहां दुकानों का आर्गेनाइज्ड स्ट्रक्चर तैयार होता है, जिसका लाभ व्यवसायियों को होता है। इस बार राजिम कुंभ में भी इसी तर्ज पर दुकानों की व्यवस्था की गयी है। जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न होने पाएं। राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ 24 फरवरी को होगा, जो 8 मार्च तक चलेगा।
इस भव्य आयोजन में हरिद्वार, काशी, मथुरा, अयोध्या, चित्रकुट समेत देशभर के कई स्थानों से साधु-संत, पीठाधीश्वर, मठाधीश, महात्मा और शंकराचार्य शामिल होंगे। श्रद्धालुओं को राजिम कुंभ के दौरान आवागमन में किसी भी तरीके की दिक्कत ना हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है।
धर्मस्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प के दौरान तीन पुण्य स्नान क्रमशः 24 फरवरी माघ पूर्णिमा, 4 मार्च माता जानकी जयंती और 8 मार्च महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होंगे। कुम्भ में आने वाले हर वर्ग के श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान रखने, मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए वालेंटियर तैनात किए गए है।

कुंभ के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए नदी और आसपास की स्थलों की साफ-सफाई के लिए बड़ी संख्या में सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला स्थल में बड़ी संख्या में पोर्टेबल टॉयलेट एवं चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
Rajim Kumbh Kalpa 2024
कुंभ में आने वाली शिशुवती महिलाओं को अपने बच्चों को स्तनपान कराने के लिए मेला स्थल में अलग से फिडिंग रूम भी बनाए गए हैं। इस बार मेला स्थल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10-10 बेड के छोटे-छोटे अस्पताल भी बनाये गए है, जिससे मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। रायपुर, गरियाबंद और धमतरी जिले का एक कलस्टर बनाकर स्वास्थ्य कैंप भी मेला स्थल पर लगाया जाएगा।
राजिम कुंभ कल्प की अपनी एक अलग ही पहचान है, पैरी, सोंढूर और महानदी, तीन नदियों के संगम स्थल राजिम त्रिवेणी संगम पर ये राजिम कुंभ कल्प आयोजित होता है। त्रिवेणी संगम के एक तट पर भगवान विष्णु राजीवलोचन विराजमान है, और दुसरे तट पर सप्तऋषियों में से एक लोमश ऋषि का आश्रम विद्यमान है त्रिवेणी संगम के बींचो बीच खुद महादेव कुलेश्वरनाथ के रुप में स्थापित है, वैसे तो श्रद्धालूओं के यहॉ पहुंचने का सिलसिला सालभर लगा रहता है।
समय श्रद्धालूओं के पहुंचने की संख्या कई गुणा बढ़ जाती है, राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ मंदिर दर्शन के लिए श्रद्धालूओं को घंटो लाईन में खडा होना पडता है। श्रद्धा और भक्ति का दुसरा नाम ही भगवान है, जहॉ श्रद्धा है, वहॉ भक्ति है, और जहॉ भक्ति है, वहॉ भगवान है, भगवान के दर्शनो की चाहत और मोक्ष प्राप्ति की कामना को लेकर श्रद्धालूओं का राजिम कुंभ कल्प में पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है, जो 08 मार्च महाशिवरात्री तक जारी रहेगा।

