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Saturday, August 30, 2025

CGPSC की नई अध्यक्ष बनीं IAS रीता शांडिल्य…! पूर्व कार्यकारी चेयरमैन को मिली स्थायी जिम्मेदारी…राज्यपाल के आदेश से नियुक्ति…यहां देखें आदेश

रायपुर, 29 अगस्त। CGPSC : छत्तीसगढ़ सरकार ने रीता शांडिल्य को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की नई अध्यक्ष नियुक्त किया है। 2002 बैच...

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Tirupati Tirumala Temple : तिरुपति मंदिर का बड़ा खुलासा, लड्डू में फिश ऑयल, जानवरों की चर्बी, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने किया कंफर्म, बीफ होने की भी की पुष्टि

Tirupati Tirumala Temple

हैदराबाद। तिरुपति तिरुमला मंदिर से लाखों-करोड़ों लोगों के आस्‍था को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां प्रसिद्ध मंदिर में मिलने वाले लड्डू में मिलावट की बात सामने आने से लोगो में सनसनी फ़ैल गई है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के लड्डूओं में फिश ऑयल और जानवरों की चर्बी मिलने की पुष्टि की है। इससे देश के साधु-संतों में काफी रोष देखने को मिल रहा है।

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अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा “आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट को लेकर जो रहस्योद्घाटन किया है, वो बहुत ही गंभीर धार्मिक अपराध है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा किया गया है। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, तिरुपति मंदिर का लड्डू बनाने में मछली का तेल, बीफ और चर्बी का इस्‍तेमाल किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रसाद के तौर इन लड्डुओं का वितरण न केवल श्रद्धालुओं के बीच किया गया, बल्कि भगवान को भी प्रसाद के तौर पर यही लड्डू चढ़ाया जाता था।

Tirupati Tirumala Temple

कैसे हुआ ये खुलासा?

मिली जानकारी के मुताबिक, NDDB ने तिरुपति मंदिर के लड्डू और अन्नदानम के सैंपल जांच के लिए कलेक्ट किए थे। जब जांच रिपोर्ट सामने आई तो हर कोई हैरान रह गया। इस तरह मंदिर के प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले इन लड्डुओं में चर्बी और बीफ मिले होने की बात सामने आई। इस खुलासे के बाद आंध्र प्रदेश में सियासत गरमा गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तिरुपति मंदिर में लड्डुओं का प्रसाद तैयार किया जाता है, उसमें बीफ की चर्बी, दूसरे जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिला है।

ये सब कुछ उस घी में मिला है, जिससे लड्डू तैयार किया जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि प्रसाद के तौर इन लड्डुओं को ना सिर्फ श्रद्धालुओं को बांटा गया, बल्कि भगवान को भी प्रसाद के तौर पर यही लड्डू चढ़ाया जाता रहा। आप को बता दें कि यहाँ रोजाना 3.5 लाख लड्डू बनते हैं जिनके लिए 400-500 किलो घी लगता है, 750 किलो काजू, 500 किलो किशमिश और 200 किलो इलायची लगती है।

 

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