Tirumala Temple
आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने तिरुमाला मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए इसे ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित करने की मांग की है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में, मंदिर परिसर के ऊपर हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की उड़ानों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। बता दें कि अप्रैल 2023 में, तीन हेलीकॉप्टरों को तिरुमाला मंदिर के आसपास उड़ान भरते देखा गया था, जो कि एक नो-फ्लाई जोन है।
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इन घटनाओं के बाद, रायलसीमा पोराटा समिति (आरपीएस) ने केंद्र सरकार से तिरुमाला को नो-फ्लाई जोन घोषित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की थी। वहीं आरपीएस संयोजक पी. नवीन कुमार रेड्डी ने टीटीडी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर इस मुद्दे पर जोर दें,
Tirumala Temple
ताकि मंदिर की पवित्रता और लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत न हो सके। जो तीर्थयात्रियों की शांति और भक्ति को बाधित कर सकती है। यह कार्रवाई इस पवित्र स्थल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
तो वहीं टीटीडी ने तिरुमाला में राजनीतिक और नफरत फैलाने वाले भाषणों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। बता दें कि यह निर्णय कुछ नेताओं द्वारा दर्शन के बाद मंदिर परिसर के पास मीडिया के सामने राजनीतिक या भड़काऊ बयान देने के कारण लिया गया है, जिससे आध्यात्मिक शांति भंग हुई थी।
Tirumala Temple
वहीं टीटीडी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उल्लंघनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य तिरुमाला मंदिर की पवित्रता और आध्यात्मिक वातावरण को संरक्षित करना है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के अपनी धार्मिक गतिविधियों का पालन कर सकें।
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