
Ratanpur Murder Case: रतनपुर। मोबाइल गेम की लत किस हद तक किसी को अंधा बना सकती है, इसकी भयावह मिसाल छत्तीसगढ़ के रतनपुर में सामने आई है। 15 दिन से लापता एक नाबालिग की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने उसके ही दोस्त को गिरफ्तार किया है। वजह चौंकाने वाली है— सिर्फ मोबाइल गेम खेलने के लिए फोन छीनने के दौरान हुए विवाद में दोस्त ने ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
मोबाइल नहीं देने पर कर दी हत्या
Ratanpur Murder Case: घटना 31 जुलाई की शाम की है जब 14 वर्षीय चिन्मय सूर्यवंशी अचानक घर से गायब हो गया। परिजनों ने अगले दिन 1 अगस्त को रतनपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की। तकनीकी टीम की सहायता से मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी। लगभग 15 दिन बाद, पुलिस को ग्राम भरारी के एक बंद पड़े प्राथमिक स्कूल संकुल भवन के कमरे में चिन्मय का शव मिला।

कबूला जुर्म, पुलिस की सख्ती में उगले राज
Ratanpur Murder Case: जांच के दौरान चिन्मय के दोस्तों से पूछताछ की गई। इसी क्रम में आरोपी छत्रपाल सूर्यवंशी पर संदेह गहराया। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसे मोबाइल गेम खेलने की लत है और उसका खुद का फोन परिजनों ने छीन लिया था। वह अक्सर चिन्मय को मोबाइल पर गेम खेलते देखता था। उसने चिन्मय से मोबाइल मांगा, लेकिन जब उसने इनकार कर दिया तो गुस्से में आकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को छिपाने के इरादे से स्कूल के बंद कमरे में फेंक दिया।

आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
Ratanpur Murder Case: फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक मामूली मोबाइल गेम की लत ने एक मासूम की जान ले ली और एक नाबालिग को हत्यारा बना दिया।
परिवार और समाज के लिए चेतावनी
Ratanpur Murder Case: यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। बच्चों में बढ़ती मोबाइल गेम की लत किस तरह मानसिक संतुलन और नैतिक मूल्यों को प्रभावित कर रही है, इसका यह एक भयावह उदाहरण है। अभिभावकों और समाज को मिलकर इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।