Teachers Day Special
वैसे तो मां शब्द कहने में बहुत छोटा है, लेकिन इस शब्द के आगे पूरी दुनिया छोटी है। कहते हैं बच्चे की पहली गुरु उसकी ‘मां’ होती है, जो उसका हाथ पकड़कर सही राह पर चलना तो सिखाती ही है साथ ही अच्छा जीवन जीने की सीख भी देती है, लेकिन यदि यही मां स्वयं भी शिक्षक हो, जिस मां का जीवन ही शिक्षा के प्रति समर्पित हो तो वो अपने बच्चे को भी उचित व अच्छी शिक्षा दे पाती है।

मां, मां ही होती है। वह अपने जीवन के हर पल को अपने बच्चों पर न्यौछावर कर देती है। सदैव बच्चों के हित में ही विचार करती रहती है। मां और बच्चे का जुड़ाव गर्भ में ही हो जाता है। तभी से मां को बच्चे की फिक्र सताने लगती है और बच्चा भी मां के अहसासों को समझने लगता है।
जीवनभर मां अपने बच्चे के सबसे करीब रहती है। उसकी एक खुशी के लिए अपना सब कुछ लुटाने को तैयार हो जाती है। मां बच्चे का सिर्फ पालन ही नहीं करती, बल्कि उसके अंदर संस्कारों का बीज बोने में भी सबसे अहम रोल एक मां का ही होता है। जीवनभर आपकी मां जो आपके लिए करती है, उसके कर्ज को कभी चुकाया नहीं जा सकता।
5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस
कहते हैं कि इंसान का सबसे बड़ा शिक्षक उसके माता-पिता होते हैं। उसके बाद स्कूल में टीचर्स और वहीं जीवन में भी हमारे एक ऐसे गुरु होते हैं जो हमें जीवन जीना सिखाते हैं और आगे बढ़ना सिखाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 5 सितंबर के दिन को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?
भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन स्टूडेंट्स के जीवन को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका वाले शिक्षकों को समर्पित है। हमारे यहां यह दिन इसी तारीख को मनाने का अपना अलग महत्व है। दरअसल, यह दिन खासतौर पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में मनाया जाता है, जिनका जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था।

यह हमारे देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। वहीं ये एक महान शिक्षक भी थे। ऐसे में उनकी याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं। इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़े-बड़े योगदान दिए थे। 1962 में इन्होंने राष्ट्रपति का पद संभाला। ऐसे में छात्रों ने 5 सितंबर के दिन को शिक्षक दिवस के रूप में बनाने का प्रस्ताव भी रखा। छात्र राधा कृष्ण के पास अनुमति के लिए गए, तभी से डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जन्मोत्सव को टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है।
इस वर्ष की शिक्षक दिवस की थीम
शिक्षक दिवस 2024 की थीम है ‘सतत भविष्य के लिए शिक्षकों को सशक्त बनाना’। यह थीम शिक्षकों की भूमिका पर जोर देती है, जो जिम्मेदार और जागरूक नागरिकों के विकास में मदद करती है। बता दें, हर साल शिक्षक दिवस की थीम तय की जाती है।

