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‘Rajeev Yuva Mitan Yojana’ will be Close: तीन साल में 132 करोड़ खर्च, कांगेस सरकार की ‘राजीव युवा मितान योजना’ बंद, जांच भी होगी

‘Rajeev Yuva Mitan Yojana’ will be Close

नेहा केशरवानी. रायपुर. कांग्रेस सरकार में युवाओं के लिए शुरु हुए राजीव युवा मितान क्लब योजना बंद कर दी गई है, भाजपा के सत्ता में आते ही राजीव युवान मितान क्लब योजना भी बंद कर दी गई है, इससे पहले इस योजना की राशि बंद की गई थी लेकिन अब पूरी योजना भी बंद कर दी गई है, इसकी जानकारी मंत्री टंकराम वर्मा ने दी है. टंकराम वर्मा ने कहा कि अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए यह योजना चलाई जा रही थी, छत्तीसगढ़ के युवाओं को इससे लाभ नहीं हो रहा था इसलिए राजीव युवा मितान योजना को बंद कर दिया गया है, हमारी सरकार युवाओं और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएगी. बता दे कि इस योजना में तीन साल में 132 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई थी, इसलिए राज्य सरकार ने राजीव युवा मितान क्लबों को दी गई राशि में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है.

राजीव युवा मितान युवा क्लब के खाते पहले ही सीज कर चुके है
इस योजना के क्लबों के सभी खाते पहले ही सीज कर दिए गए थे, राज्य सरकार ने राजीव युवा मितान क्लबों को दी गई राशि के अंतरण एवं समस्त प्रकार के व्यय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था, इस संबंध में खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी थी. आदेश में लिखा था कि राजीव युवा मितान क्लबों को किसी भी कार्य के लिए दी गई राशि के उपयोग की अनुमति नहीं होगी, राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को राजीव युवा मितान क्लब योजना के तहत अब तक विभिन्न व्यय की जानकारी और व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। जिला स्तरीय, अनुभाग स्तरीय समितियों के साथ मितान क्लबों की गतिविधियां अब जांच के दायरे में आ चुकी है.

‘Rajeev Yuva Mitan Yojana’ will be Close

क्या थी राजीव युवा मितान क्लब योजना?
राजीव गांधी युवा मितान क्लब के तहत दो सालों में 13,269 क्लब बनाए गए. 12 जनवरी 2020 को राज्य युवा महोत्सव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योजना का एलान किया था, योजना का शुभारंभ 18 सितंबर 2021 को किया गया था. इस योजना में 20 से 40 युवा जुड़े हुए थे, प्रदेश में 13,261 राजीव युवा मितान क्लब गठित करने के लक्ष्य पर 13,242 क्लब बनाए गए, हर तीन महीने में 25 हजार रुपये का अनुदान राशि दिए जाने की योजना बनाई गई. इस तरह से हर साल क्लब को एक लाख रुपये मिलते थे, ये राशि अलग-अलग गतिविधियों के लिए खर्च किये जाते थे.

कलेक्टरों से रिपोर्ट मंगाएगी सरकार
राज्य सरकार ने आदेश में स्पष्ट कहा था था कि राजीव युवा मितान क्लबों के नाम पर खर्च की गई राशि की उपयोगिता की जांच होगी, सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के नाम पर बिना आयोजन के भी फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत कर पैसे निकालने की शिकायतें पहले भी मिलती रही है, कलेक्टरों के माध्यम से क्लबों के संचालकों की रिपोर्ट मंगाई जाएगी.

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