रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के खर्च को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के प्रभारी मंत्री को पत्र लिखते हुए DMF राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
इस मुद्दे पर राज्य के कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि DMF राशि के खर्च की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिससे हटकर कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सकता।
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मंत्री वर्मा ने बताया कि DMF फंड का उपयोग सीधे तौर पर प्रभावित क्षेत्र के 15 किलोमीटर और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र के 25 किलोमीटर के दायरे में किया जाना तय है। यह प्रावधान खनन से प्रभावित लोगों के कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया है।उन्होंने आगे बताया कि DMF फंड की 60% राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसे बुनियादी जरूरतों पर खर्च की जाती है, जबकि बाकी 40% राशि अन्य विकास कार्यों में खर्च की जाती है।
मंत्री वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि नए नियमों के तहत अब DMF की राशि केवल संबंधित जिले की सीमा के भीतर ही खर्च की जा सकती है। नियमों से इतर कोई भी खर्च नियम विरुद्ध माना जाएगा।
DMF फंड के पारदर्शी और सही उपयोग को लेकर विपक्ष लगातार सवाल खड़ा करता रहा है। अब देखना होगा कि रवि भगत के पत्र के बाद सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।

