
छात्रा ने स्कूल के टॉयलेट में दिया बेटे को जन्म
Minor girl gives birth in school toilet : कर्नाटक के यादवगर जिले के एक सरकारी आवासीय विद्यालय में एक 17 वर्षीय क्लास 9 की छात्रा ने स्कूल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया। यह घटना 27 अगस्त 2025 को दोपहर लगभग 2 बजे हुई। छात्रा के सहपाठियों ने जब उसकी प्रसव पीड़ा देखी, तो उन्होंने तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद नाबालिग छात्रा और नवजात शिशु को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

छात्रा पर किया गया यौन उत्पीड़न का आरोप
Minor girl gives birth in school toilet : एफआईआर के अनुसार, छात्रा के साथ 9 से 10 महीने पहले एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। छात्रा ने अब तक यह बताने से इनकार किया है कि किसने उस पर हमला किया और क्या किसी को इस बात की जानकारी थी। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि स्कूल प्रशासन ने बच्चे के जन्म की घटना को तुरंत नहीं बताया, क्योंकि छात्रा के भाई ने ऐसा करने से मना किया था। हालांकि, भाई को घटना के तुरंत बाद सूचित किया गया।
चार कर्मचारियों को निलंबित किया गया
Minor girl gives birth in school toilet : यादवगर के डिप्टी कमिश्नर हर्षल भोयार, पुलिस अधीक्षक पृथ्विक शंकर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी लविश ओर्डिया अस्पताल पहुंचे जहां छात्रा भर्ती थी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि स्कूल प्रशासन की तरफ से प्राथमिक जांच में गंभीर चूक सामने आई है। कर्नाटक आवासीय शैक्षिक संस्थान समिति (KREIS) ने इस मामले में चार कर्मचारियों—प्रधानाचार्य बसम्मा, वार्डन गीता, विज्ञान शिक्षक नरसिंहमूर्ति और शारीरिक शिक्षा शिक्षक श्रीधर—को ड्यूटी में लापरवाही और छात्रा की देखरेख में अनदेखी के आरोप में निलंबित कर दिया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बाल अधिकार आयोग ने लिया मामला स्वतः संज्ञान
Minor girl gives birth in school toilet : कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (KSCPCR) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आयोग के सदस्य शशिधर कोसुम्बे ने बताया कि आयोग ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर शिकायत दर्ज करवाई है। इसके निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी निर्मला होंबन्ना ने संबंधित पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
Minor girl gives birth in school toilet : समाजसेवी चन्नप्पा अनगुंडी ने कहा कि यह सवाल खड़ा होता है कि ऐसे संवेदनशील पदों पर नियुक्त लोग छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर नजर क्यों नहीं रखे। उन्होंने पूछा, “क्या स्कूल में नियमित स्वास्थ्य जांच और निगरानी नहीं हो रही थी?”
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 64, बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012 की धाराएं 4, 6 और 19, तथा किशोर न्याय अधिनियम 2025 की धारा 33 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है।
एफआईआर में आरोपी के नाम
Minor girl gives birth in school toilet : एफआईआर में मुख्य आरोपी के रूप में अज्ञात व्यक्ति का नाम दर्ज है। इसके अलावा, वार्डन गीता, नर्स कवरम्मा, प्रधानाचार्य बसम्मा और शरणबासवा नामक व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है।