MBBS student suicide: जगदलपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब MBBS प्रथम वर्ष के एक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र की पहचान ज्ञानेंद्र मिश्रा (उम्र लगभग 20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला था। हाल ही में उसने कॉलेज में दाखिला लिया था और मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी। अचानक हुई इस घटना से कॉलेज परिसर में मातम का माहौल है।

हॉस्टल में रूममेट ने देखा फंदे पर लटका छात्र
MBBS student suicide: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात छात्र का रूममेट अपने कमरे में पहुंचा तो उसने देखा कि ज्ञानेंद्र फांसी के फंदे से लटका हुआ है। यह दृश्य देखकर वह घबरा गया और तुरंत अन्य छात्रों को बुलाया। साथी छात्रों ने मिलकर ज्ञानेंद्र को नीचे उतारा और कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई, शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया
MBBS student suicide: घटना की सूचना मिलते ही डिमरापाल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए जांच शुरू कर दी और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही छात्र के परिजनों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद वे रायपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
आत्महत्या की वजह बनी रहस्य
MBBS student suicide: फिलहाल छात्र के आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं हो पाई है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब छात्र के मोबाइल फोन और नोटबुक की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने यह कदम क्यों उठाया। कॉलेज प्रशासन और दोस्तों का कहना है कि वह सामान्य और शांत स्वभाव का था। शुरुआती जांच में किसी तरह का विवाद या परेशानी सामने नहीं आई है।
हाल ही में लिया था एडमिशन
MBBS student suicide: जानकारी के मुताबिक, ज्ञानेंद्र मिश्रा ने हाल ही में MBBS प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। वह कानपुर से आकर जगदलपुर में रह रहा था और हॉस्टल में ही उसका कमरा था। कुछ समय पहले ही उसने कॉलेज की पढ़ाई शुरू की थी। दोस्तों के अनुसार, वह पढ़ाई में अच्छा था और किसी तरह की समस्या का जिक्र उसने कभी नहीं किया।
कॉलेज कैंपस में गम और मातम
MBBS student suicide: इस घटना के बाद कॉलेज के छात्र-छात्राएं और स्टाफ गहरे सदमे में हैं। हॉस्टल और कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है। कई छात्रों ने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई का दबाव बहुत अधिक होता है और कई बार यह तनाव छात्रों पर हावी हो जाता है। कॉलेज प्रशासन ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
पढ़ाई का दबाव या निजी कारण?
MBBS student suicide: फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ज्ञानेंद्र ने पढ़ाई के दबाव में आकर यह कदम उठाया या फिर इसके पीछे कोई निजी कारण था। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होगी। घटना की सूचना मिलते ही मृतक छात्र के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।
बढ़ती आत्महत्याओं पर चिंता
MBBS student suicide: मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और काउंसलिंग की सुविधा बढ़ाने की सख्त जरूरत है।