J&K Assembly Election
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का इंतजार लंबे समय से हो रहा है। चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा है। वही चुनाव आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश को निर्देश देते हुए कहा है कि जिन अधिकारियों की नियुक्ति उनके गृह जिले में है, उनका ट्रांसफर किया जाए। इसी तरह के निर्देश हरियाणा , महाराष्ट्र और झारखंड की सरकारों को भी दिए गए हैं। बता दे कि इन राज्यों में इसी साल चुनाव होने हैं।
जम्मू कश्मीर में विधानसभा के आखिरी चुनाव 2014 में हुए थे तब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन की सरकार बनाई थी, लेकिन भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार गिर गई थी|
जम्मू कश्मीर में विधानसभा के आखिरी चुनाव 2014 में हुए थे तब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन की सरकार बनाई थी, लेकिन भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार गिर गई थी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
J&K Assembly Election
5 अगस्त 2019 को तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था और अनुच्छेद 370 के तहत इसकी विशेष दर्जे को हटा दिया गया था। जिसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित कर दिया गया है। वही नई परिसीमन के तहत विधानसभा सीटों की संख्या भी बढ़ा दी गई है
तो वही चुनाव में देरी होने के कारण, प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मिले, हालांकि चुनाव कराने और नए मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया पहले से ही पूरी कर ली गयी है। अब केवल चुनाव आयोग द्वारा अंतिम तिथियों की घोषणा करना ही शेष है।
आम जनता और राजनीतिक दलों की नजरें अब चुनाव आयोग की तरफ हैं, जो जल्द ही जम्मू और कश्मीर में चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। इस चुनाव के परिणाम राज्य की राजनीतिक स्थिति को नया आकार देंगे और आने वाले समय के लिए नए दिशा-निर्देश तय करेंगे।

