Israel-Iran Attacks
ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब आठवें दिन में पहुंच गई है और हालात हर घंटे और भी खतरनाक होते जा रहे हैं। शुक्रवार की रात भर ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें बरसाईं। हालांकि इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों में गिरीं, जिनमें एक अस्पताल भी शामिल है। इन हमलों में भारी जान-माल की हानि हुई है और कई इलाकों में आग की लपटें आसमान तक देखी गईं।
वहीं इजरायल ने इसका करारा जवाब देते हुए ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों और इंडस्ट्रियल हब्स पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया। इस हमले में इजरायल की एयरफोर्स के 60 से ज्यादा लड़ाकू विमान शामिल हुए। रात के अंधेरे में हुए इस ऑपरेशन का मुख्य निशाना बना SPND – यानी ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ डिफेंसिव इनोवेशन एंड रिसर्च’, जिसे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का मुख्य केंद्र माना जाता है। इसके अलावा मिसाइल निर्माण इकाइयों और अन्य सैन्य ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
Israel-Iran Attacks
इस युद्ध का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि हमले अब आम नागरिकों को भी अपनी चपेट में ले रहे हैं। दोनों देशों की ओर से रिहायशी इलाकों में गिरती मिसाइलें बता रही हैं कि अब यह जंग सैन्य सीमाओं को पार कर आम जनजीवन को तबाह कर रही है। सड़कों पर सन्नाटा है, अस्पतालों में अफरा-तफरी, और हजारों लोग बंकरों में जिंदगी बचाने को मजबूर हैं।
इस जंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका इसमें कूदेगा? व्हाइट हाउस की ओर से बयान जारी किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस विषय में अगले दो सप्ताह में फैसला लेंगे। फिलहाल अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा है कि बातचीत की संभावनाएं अभी बाकी हैं। इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री आज जिनेवा में फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं ताकि जंग को खत्म करने का कोई रास्ता निकाला जा सके।
Israel-Iran Attacks
13 जून से शुरू हुई यह जंग फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। सीजफायर की कोई उम्मीद फिलहाल नहीं है और दोनों तरफ से हमले लगातार जारी हैं। अगर अमेरिका इस संघर्ष में शामिल होता है, तो यह लड़ाई सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर पूरे मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ना तय है।