Higher Education Department
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई अतिथि व्याख्याता नीति की घोषणा करते हुए कहा कि, उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में जिन विषय शिक्षकों की कमी है, वहां जरूरत के अनुसार नियुक्तियां तत्काल की जाएंगी। सरकारी विश्वविद्यालयों और कालेजों में प्राध्यापक, सह या सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी के पद खाली होने की वजह से पढ़ाई के अलावा प्रैक्टिकल, खेलकूद व लाइब्रेरी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से वैकल्पिक व्यवस्था के लिए यह नीति लाई गई है।
अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल व अतिथि क्रीड़ा अधिकारी न मिलने पर उनकी जगह अतिथि शिक्षण सहायक, अतिथि ग्रंथपाल सहायक व अतिथि क्रीड़ा सहायक की की जाएगी। अगर सेवाएं संतोषजनक नहीं हुआ तो फिर अतिथि व्याख्याता को हटाया जायेगा।
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नई नीति के अनुसार इनकी नियुक्ति सीधी भर्ती से होगी। यह नीति इसी सत्र से आदेश तक लागू रहेगी। जिसके लिए 5-6 सदस्यों की समिति का गठन किया जाएगा। भर्ती के लिए विषयवार अतिथि व्याख्याता एवं अन्य पदों के लिए विज्ञापन जारी करने होंगे। विवि कालेजों के नोटिस बोर्ड पर इसकी जानकारी दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने उच्च शिक्षा विभाग एप तैयार करेगा।
आवेदन करने के लिए पात्रता
* छत्तीसगढ़ी के मूल निवासी को प्राथमिकता। • अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल व अतिथि क्रीड़ा अधिकारी के लिए विवि कालेजों की व्यवस्था के अनुसार शैक्षणिक योग्यता। अतिथि शिक्षण सहायक, अतिथि ग्रंथपाल सहायक व अतिथि क्रीड़ा सहायक के लिए 55 फीसदी अंक जरूरी। • दिव्यांग व आरक्षित वर्गों के लिए 50 फीसदी अंक जरूरी होंगे। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश कालेजों के लिए उपरोक्त शैक्षणिक अहर्ता के अलावा अंग्रेजी बोलने पढ़ाना आना जरूरी। आयु सीमा अतिथि व्याख्याता व अतिथि शिक्षण सहायक 65 वर्ष। अतिथि ग्रंथपाल, अतिथि क्रीड़ा अधिकारी, अतिथि ग्रंथपाल सहायक व अतिथि क्रीड़ा सहायक 62 वर्ष।
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रोज 7 घंटे कार्य अवधि पर अतिथि ग्रंथपाल या क्रीड़ा अधिकारी को 1600 रुपए प्रतिदिन व अधिकतम 40 हजार रुपए प्रति माह {अतिथि ग्रंथपाल सहायक या अतिथि क्रीड़ा सहायक को 1200 रुपए रोज या अधिकतम 30 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।
फर्जी दस्तावेज तो सेवा होगी खत्म
- यदि शपथ पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या कोई दस्तावेज फर्जी पाया जाता है तो उम्मीदवार की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी जाएंगी।
- आवेदक समय सीमा पर उपस्थित नहीं होता है तो उसकी नियुक्ति निरस्त मानी जाएगी।
- 15 दिन तक लगातार बिना सूचना गैर हाजिर रहने पर सेवा समाप्त हो जाएगी।
- समान अंक होने पर आयु में कनिष्ठ व्याख्याता की नियुक्ति निरस्त होगी।
- लगातार तीन बार मूल्यांकन संतोषजनक न पाए जाने पर अगले सत्र में नहीं बुलाया जाएगा। दूसरी व्यवस्था की जाएगी।
- एक साथ दो संस्थाओं में काम नहीं कर सकेंगे।

