Electricity subsidy Chhattisgarh: रायपुर। छत्तीसगढ़ की जनता को अगले महीने से बिजली बिल के मामले में बड़ा झटका लगने वाला है। राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को बंद कर दिया है। अब सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी जिनकी मासिक खपत 100 यूनिट तक होगी। यानी अधिकांश उपभोक्ताओं को अब दोगुना बिजली बिल चुकाना पड़ेगा।

6 साल से मिल रही थी राहत
Electricity subsidy Chhattisgarh: गौरतलब है कि 1 मार्च 2019 से घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक बिजली खपत पर सीधे 50 प्रतिशत की छूट मिल रही थी। इस योजना का लाभ छोटे-बड़े सभी उपभोक्ताओं को मिलता था। यहां तक कि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले लोगों को भी पहले 400 यूनिट तक बिल हॉफ मिलता था, उसके बाद की खपत पर पूरा चार्ज देना पड़ता था।
इस छूट के चलते उपभोक्ताओं को हर महीने 558 रुपए से लेकर 1223 रुपए तक की बचत होती थी। 6 साल 5 महीने से लागू इस योजना ने लाखों परिवारों को राहत दी। लेकिन अब यह राहत खत्म होने वाली है।

सितंबर के बिल में दिखेगा असर
Electricity subsidy Chhattisgarh: प्रदेश सरकार ने 1 अगस्त से इस योजना को समाप्त कर दिया है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं को सितंबर में मिलने वाले बिजली बिल में दिखाई देगा। अगस्त माह की खपत का बिल आने पर उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले दोगुना भुगतान करना होगा।
पावर कंपनियों के अनुमान के मुताबिक, उपभोक्ताओं को अब उनके उपयोग के आधार पर हर महीने 558 से 1223 रुपए ज्यादा बिजली बिल चुकाना पड़ेगा। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ेगी।

तीन गुना बोझ एक साथ
Electricity subsidy Chhattisgarh: सितंबर में बिजली उपभोक्ताओं पर तीन तरह का बोझ एक साथ पड़ने वाला है—
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बिजली दरों में वृद्धि – राज्य सरकार ने 1 जुलाई से बिजली दर में 14 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है।
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अधिक खपत – अगस्त की उमसभरी गर्मी में उपभोक्ताओं ने कूलर और एसी का ज्यादा उपयोग किया है, जिससे खपत बढ़ी।
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बिजली बिल हॉफ योजना समाप्त – अब 400 यूनिट तक की छूट नहीं मिलेगी, सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट दी जाएगी।
इन तीनों कारणों से लोगों का सितंबर का बिल पहले की तुलना में काफी ज्यादा होगा।
सिर्फ 100 यूनिट तक छूट, लाभार्थी होंगे बेहद कम
Electricity subsidy Chhattisgarh: राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब केवल 100 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को ही 50% की छूट मिलेगी। लेकिन शहरी क्षेत्रों में सौ यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बेहद कम है।
सिर्फ रायपुर सिटी सर्किल के दोनों डिवीजनों की बात करें तो यहां 91,648 घरेलू उपभोक्ता हैं। पहले सभी को छूट मिलती थी, लेकिन अब गिनती के लोगों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।

बजट बिगड़ने की चिंता
Electricity subsidy Chhattisgarh: योजना खत्म होने के बाद अधिकांश घरों का मासिक बिजली बिल लगभग दोगुना हो जाएगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के बजट पर भारी असर पड़ेगा। पहले जहां लोग आराम से आधा बिल चुकाकर राहत महसूस करते थे, वहीं अब पूरे बिल का भुगतान करना होगा।