Chhattisgarh Congress
नई दिल्ली। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की बैठक में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और बस्तर जिला अध्यक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिला। इस दौरान रायगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने संगठन में गुटबाजी और कमजोरियों को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, भूपेश बघेल और दीपक बैज मौजूद थे। अनिल शुक्ला ने कहा कि जब पार्टी संगठन की ताकत पर चुनाव लड़ती है, तो जीत हासिल करती है, लेकिन जब चुनाव जनप्रतिनिधियों के भरोसे लड़ा जाता है, तो हार होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े नेता अपने समर्थकों को तो साथ रखते हैं, लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति नहीं दिखती।
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संगठन की मजबूती पर जोर
अनिल शुक्ला ने कहा कि अगर कांग्रेस को मजबूत करना है, तो बड़े नेताओं को यह देखना होगा कि जो कार्यकर्ता सिर्फ उनके स्वागत में आते हैं, वे संगठन के कार्यक्रमों में क्यों नहीं दिखते। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं से यह सवाल पूछना शुरू कर दें कि वे कांग्रेस आंदोलनों में भाग क्यों नहीं लेते, तो पार्टी का संगठन और सशक्त हो जाएगा।
गुटबाजी पर कड़ा बयान
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “हर नेता की अपनी टीम है, लेकिन जब उनके नेता आते हैं तो वे दिखते हैं, जबकि पार्टी के किसी कार्यक्रम में नहीं दिखते।” उनके इस बयान ने संगठन में गुटबाजी और अनुशासनहीनता के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।
कांग्रेस में उठेगा बड़ा सवाल?
इस बैठक के बाद कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और संगठन की कमजोरी पर एक नई बहस शुरू हो सकती है। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे को हल करने के लिए ठोस कदम उठाएगा, या फिर यह असंतोष आगे भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ाएगा?

