Fake call suicide case: फर्जी कॉल ने ली युवक की जान, टीआई के नाम से धमकी, डर के कारण युवक ने किया सुसाइड
Kumud Mishra
Fake call suicide case: छतरपुर (मध्यप्रदेश)। छतरपुर जिले के खजुराहो से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक फर्जी कॉल ने 21 वर्षीय युवक की जिंदगी छीन ली। फोन करने वाले ने खुद को थाना प्रभारी (टीआई) बताकर युवक को धमकाया, जिसके बाद भय और तनाव में आकर युवक ने फांसी लगा ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।
Fake call suicide case:यह घटना बमीठा थाना अंतर्गत झमटुली गांव की है। मृतक की पहचान 21 वर्षीय भान प्रजापति के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सोमवार को भान को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को छतरपुर का टीआई बताते हुए कड़ी धमकी दी। इस धमकी से डरकर भान मानसिक दबाव में आ गया और कुछ देर बाद कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
व्हाट्सएप पर मिला सुसाइड नोट
Fake call suicide case: भान प्रजापति ने आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल में व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट लिखा। इस नोट में उसने उस व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया है, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाया था। सुसाइड नोट के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि युवक की मौत का कारण फर्जी कॉल से मिली धमकी ही है।
Fake call suicide case:घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मृतक का शव नेशनल हाईवे-39 पर रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और “न्याय दो” की मांग की। करीब दो घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई वाहन फंस गए, यहां तक कि एक एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई।
Fake call suicide case: सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी और आश्वासन दिया कि मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम को समाप्त किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जांच में जुटी पुलिस
Fake call suicide case: बमीठा थाना पुलिस ने बताया कि मृतक के मोबाइल से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें दर्ज नाम और नंबर की जांच की जा रही है। कॉल डिटेल और लोकेशन निकालने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि फोन करने वाला व्यक्ति वास्तविक पुलिस अधिकारी नहीं था बल्कि उसने फर्जी पहचान बनाकर धमकी दी थी। भान प्रजापति की मौत से परिजन सदमे में हैं। परिवार ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष था, लेकिन फर्जी कॉल की वजह से उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने मांग की कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
Fake call suicide case: यह घटना केवल आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि एक चेतावनी भी है। फर्जी कॉल और साइबर ठगी के मामलों में दिन-प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। अब ये अपराध केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इंसानी जान लेने तक पहुंच गए हैं।