रायपुर, 16 अगस्त। Cabinet Expansion : विदेश दौरे पर पर जाने से पहले CM साय ने मंत्रिमंडल विस्तार होने को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। जब उनसे इस पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सहज भाव में कहा- हो भी सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार संभावित कैबिनेट सूची हरियाणा फॉर्मूले के आधार पर तैयार की जा रही है। इसमें क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा, और तीन नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।
मंत्रिपरिषद में शामिल होने की अटकलों में जिन नामों का उल्लेख है, उनमें विधायक गजेंद्र यादव, खुशवंत साहेब, अमर अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत शामिल हैं; इनमें से कोई तीन हो सकते हैं शामिल।
नई औद्योगिक नीति और निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति शुरू होने के बाद अब तक ₹1.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह नीति निवेशकों के लिए टैक्स, भूमि, बिजली जैसे क्षेत्रों में रियायतें और सिंगल विंडो क्लियरेंस, रैम्प योजना जैसी सहूलियतें प्रदान करती है।
औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार
रैंप योजना के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को समर्थन मिला है। निवेश-पत्र भी वितरित किए गए, 16 निवेशकों को भेजे गए इनविटेशन से लगभग ₹11,733 करोड़ के निवेश और 9,000 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार सृजन की संभावनाएं जुड़ी हैं।
उद्योग नीति का सार्वजनिक प्रभाव
रायपुर में आयोजित Chhattisgarh Industry Dialogue‑2 के दौरान, मुख्यमंत्री ने One‑Click Single Window System 2.0, State Logistics Policy‑2025, और Jan Vishwas Bill की घोषणा की, जिससे औद्योगिक संचालन और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।
इस कार्यक्रम में लगभग ₹1.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, और 20,627 emplois के अवसर बनने की उम्मीद बताई गई है। लक्ष्य है- नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ को एक उच्च‑तकनीकी औद्योगिक केंद्र में बदलना। चाहे वह नौकरी सृजन हो, औद्योगिक पार्कों का विकास हो या प्रशासनिक बोझ को कम करना, मुख्यमंत्री ने सभी पहलुओं पर बल दिया है।