Viksit Chhattisgarh का नया विजन… पारंपरिक डिग्रियों से ‘ग्लोबल करियर’ की ओर बढ़ते युवाओं के कदम… सिर्फ साक्षरता नहीं, सक्षमता का नया दौर

Viksit Chhattisgarh का नया विजन… पारंपरिक डिग्रियों से ‘ग्लोबल करियर’ की ओर बढ़ते युवाओं के कदम… सिर्फ साक्षरता नहीं, सक्षमता का नया दौर

रायपुर, 06 जून। Viksit Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence)’ योजना को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक कौशल, अनुसंधान और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योजना का उद्देश्य कॉलेजों को केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थानों के बजाय करियर निर्माण और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

कौशल और रोजगार के बीच की दूरी होगी कम

राज्य में लंबे समय से उच्च शिक्षा और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच अंतर महसूस किया जा रहा था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किलिंग और उभरती तकनीकों की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की जा रही है। इससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

36 महाविद्यालयों का होगा उन्नयन

योजना के तहत राज्य के 3 हजार से अधिक नामांकन वाले 36 प्रमुख महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 25 कॉलेजों के लिए प्रति संस्थान 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आगामी चरणों में चयनित महाविद्यालयों को 15 करोड़ रुपये तक की विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही शोध एवं नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना भी संचालित की जाएगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे उत्कृष्टता केंद्र

इन केंद्रों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लर्निंग सेंटर, ई-लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम और रिसर्च एवं इनोवेशन लैब विकसित किए जाएंगे। स्थानीय समस्याओं और संभावनाओं पर आधारित शोध को बढ़ावा देते हुए कृषि, जनजातीय कला, हर्बल चिकित्सा और खनन जैसे क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही कोडिंग, आईटी, उद्यमिता और स्टार्टअप विकास से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित होंगे।

युवाओं को मिलेगा रोजगार और उद्यमिता का नया मंच

उत्कृष्टता केंद्रों में करियर काउंसलिंग, कैंपस प्लेसमेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इससे स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और राज्य से होने वाले बौद्धिक पलायन में भी कमी आएगी।

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्कृष्टता केंद्र योजना छत्तीसगढ़ को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। आधुनिक कौशल, अनुसंधान और नवाचार से लैस युवा भविष्य में राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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