बिलासपुर, 3जून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के संदर्भ में “वनवासी” शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब बिलासपुर में भी आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है।
प्रदर्शन कर रहे समाज के लोगों ने कहा कि “आदिवासी” और “वनवासी” शब्दों के अर्थ अलग-अलग हैं तथा आदिवासी समुदाय स्वयं को वनवासी नहीं मानता। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और उनकी पहचान, इतिहास तथा संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि आदिवासियों को “वनवासी” कहकर उनकी मूल पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिलासपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस मामले में माफी नहीं मांगी गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
