पुलिस लाइन रायगढ़ में आमद दर्ज कराने के बाद सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की वरिष्ठ अधिकारियों से परिचयात्मक मुलाकात कराई गई। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने सभी प्रशिक्षु SI को अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा का पाठ पढ़ाया।
फील्ड ट्रेनिंग ही असली परीक्षा
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अकादमी प्रशिक्षण के बाद फील्ड में काम करना पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। यही वह समय होता है जब एक अधिकारी वास्तविक परिस्थितियों में काम करना सीखता है। उन्होंने सभी प्रशिक्षु SI को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जनता के प्रति संवेदनशील रहें
एसएसपी ने कहा कि पुलिस विभाग केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि जनसेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह और सेवाभावी दृष्टिकोण अपनाने की सीख दी।
अलग-अलग थानों में मिलेगी जिम्मेदारी
रायगढ़ जिले में इन 18 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है, जहां वे अपराध विवेचना, कानून व्यवस्था, जांच प्रक्रिया और पुलिसिंग की व्यवहारिक बारीकियां सीखेंगे।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने भी प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर विवेचना और अनुशासित कार्यशैली अपनाने की सलाह दी।
SSP का संदेश बना चर्चा का विषय
एसएसपी शशि मोहन सिंह का यह संदेश खास चर्चा में रहा, पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का दायित्व है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को फील्ड में व्यवहारिक रूप से लागू करें और ईमानदारी, अनुशासन व संवेदनशीलता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करें।