Sushasaan Tihar से वनांचल में खुशहाली… मत्स्य कृषकों को मिला निःशुल्क मछली जाल… आजीविका को मिला नया संबल

Sushasaan Tihar से वनांचल में खुशहाली… मत्स्य कृषकों को मिला निःशुल्क मछली जाल… आजीविका को मिला नया संबल

रायपुर, 09 मई। Sushasaan Tihar : छत्तीसगढ़ सरकार की “सुशासन तिहार” पहल अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक राहत और विकास की नई उम्मीद पहुंचा रही है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम बुढ़ानछापर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मत्स्य कृषकों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया। शिविर में जरूरतमंद किसानों को निःशुल्क मछली जाल वितरित किए गए, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिली है और मत्स्य पालन व्यवसाय को मजबूती मिलने की उम्मीद जगी है।

मछली जाल से बचेंगे हजारों रुपये

शिविर में पहुंचे मत्स्य कृषकों ने बताया कि शासन द्वारा निःशुल्क मछली जाल उपलब्ध कराए जाने से उन्हें 5 से 7 हजार रुपये तक की बचत होगी। ग्राम खुटीटोला निवासी मत्स्य कृषक रूपेश कुमार यादव ने कहा कि पहले बाजार से जाल खरीदने में काफी खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब यह सहायता मिलने से वे अपनी बची हुई राशि को व्यवसाय विस्तार में लगा सकेंगे। वहीं ग्राम पिटेपानी के धरम सिंह उईके ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में इस प्रकार की सहायता ग्रामीण किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

योजनाओं की जानकारी भी पहुंचा रहा प्रशासन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित सुशासन तिहार शिविरों का उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि लोगों तक शासन की योजनाओं की जानकारी पहुंचाना भी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए सीधे गांवों तक पहुंच रही है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते मत्स्य कृषक

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए जाल और अन्य उपकरणों का वितरण किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। किसानों ने कहा कि इस तरह की योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता देती हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।

सुशासन की गांव-गांव तक पहुंच

वनांचल ग्राम बुढ़ानछापर में आयोजित यह शिविर इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया है कि अब सरकारी योजनाएं केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही हैं। निःशुल्क मछली जाल वितरण से मत्स्य कृषकों की आजीविका को नया सहारा मिला है और ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

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