Women Safety : सादे कपड़ों में बस स्टैंड पहुंचीं IPS अफसर…! रातभर बदमाशों से घिरी रहीं…खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

Women Safety : सादे कपड़ों में बस स्टैंड पहुंचीं IPS अफसर…! रातभर बदमाशों से घिरी रहीं…खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

हैदराबाद, 07 मई। Women Safety : हैदराबाद में महिला पुलिस कमिश्नर बी सुमति ने सादे कपड़ों में बस स्टैंड पहुंचकर महिला सुरक्षा की हकीकत जांची। इस दौरान करीब 40 युवकों ने उन्हें घेर लिया। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुमति ने पद संभालने के पहले ही दिन महिला सुरक्षा की जमीनी हकीकत जानने के लिए आधी रात को एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। लेकिन इस दौरान जो हुआ, उसने पुलिस व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

पुलिस पेट्रोलिंग की खुल गई पोल

जानकारी के मुताबिक, महिला IPS अधिकारी बी सुमति सादे कपड़ों में दिलसुखनगर बस स्टैंड पहुंचीं और एक सामान्य महिला की तरह बस का इंतजार करने लगीं। रात गहराने के साथ वहां का माहौल बदलता गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 40 युवकों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। इनमें कुछ छात्र थे, जबकि कई युवक शराब और गांजे के नशे में बताए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि रात करीब 3 बजे तक महिला कमिश्नर को उसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, जैसा आम महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर झेलती हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वहां गश्त कर रही पुलिस ने भी तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया।

हालांकि, बी सुमति ने पूरे घटनाक्रम के दौरान धैर्य बनाए रखा और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी। करीब 3:30 बजे एक कांस्टेबल मौके पर पहुंचा। घटना के बाद महिला कमिश्नर ने लगातार तीन दिनों तक इलाके की व्यक्तिगत निगरानी की।

40 लोगों को हिरासत में लिया गया

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 40 लोगों को हिरासत में लिया और उनके लिए काउंसलिंग सेशन आयोजित किए। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में कई हॉस्टल होने के कारण देर रात युवाओं की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।

यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाइट पेट्रोलिंग की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। दिलसुखनगर जैसे व्यस्त इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं।

बता दें कि तेलंगाना कैडर की 2006 बैच की IPS अधिकारी बी सुमति अपनी सख्त कार्यशैली और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में IG रहते हुए करीब 600 माओवादियों के आत्मसमर्पण में अहम भूमिका निभाई थी।

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