रायपुर, 06 मई। Fish Farming : छत्तीसगढ़ में मत्स्य पालन के क्षेत्र को नई दिशा देने और वैश्विक निर्यात बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से 7 मई को राजधानी रायपुर में एक दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। “गिफ्ट तिलापिया की वैज्ञानिक खेती” विषय पर केंद्रित यह शिविर आधुनिक तकनीक, उत्पादन वृद्धि और निर्यात संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
केंद्रीय संस्थाओं के सहयोग से होगा आयोजन
यह चिंतन शिविर समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ, अधिकारी और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े हितधारक शामिल होंगे।
मंत्री रामविचार नेताम करेंगे शुभारंभ
शिविर का उद्घाटन राज्य के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री रामविचार नेताम द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ गिफ्ट तिलापिया की वैज्ञानिक खेती से जुड़े नवीनतम पहलुओं पर जानकारी साझा करेंगे।
छत्तीसगढ़ को मिला देश का एकमात्र तिलापिया क्लस्टर का दर्जा
छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष उपलब्धि है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अधिसूचित 34 क्लस्टर्स में से राज्य को देश का एकमात्र तिलापिया क्लस्टर घोषित किया गया है। इससे राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में बड़े निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि, तिलापिया पर बढ़ा फोकस
वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात 72 हजार 325.82 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच चुका है। इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने के लिए अब तिलापिया जैसी उच्च मांग वाली प्रजातियों की वैज्ञानिक खेती को प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन, बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और निर्यात के नए अवसरों पर मार्गदर्शन देंगे।
यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ के अंतर्देशीय जल संसाधनों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल मछली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों और मछुआरों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है।

