रायपुर, 29 अप्रैल। Rural Health : घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे लोहागांव में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं एक नई उम्मीद बनकर पहुंचीं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 11 किलोमीटर पैदल सफर तय कर इस सुदूर गांव तक पहुंचकर सेवाएं दीं।
62 ग्रामीणों की जांच, कई ने पहली बार कराया हेल्थ चेकअप
गांव पहुंचने के बाद टीम ने 62 ग्रामीणों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। कई ग्रामीणों ने पहली बार इस तरह की समग्र स्वास्थ्य जांच कराई।
मलेरिया, सिकल सेल से लेकर गर्भवती महिलाओं की जांच
स्वास्थ्य टीम ने मलेरिया, सिकल सेल (हीमोग्लोबिन), मोतियाबिंद और कुष्ठ रोग की जांच की। गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल की गई और बच्चों का टीकाकरण भी सुनिश्चित किया गया।
4 गंभीर मरीज रेफर, समय पर पहचान से बचेंगी जटिलताएं
जांच के दौरान 4 मरीज गंभीर पाए गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें एक गर्भवती महिला, एक मोतियाबिंद मरीज और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज शामिल हैं।
76 स्वास्थ्य केंद्रों से गांव-गांव पहुंच रही टीमें
13 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत जिले में 76 स्वास्थ्य स्थलों के माध्यम से टीमें लगातार गांवों तक पहुंच रही हैं। इसका उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी बीमारियों की समय रहते पहचान करना है।
‘इंतजार’ नहीं, अब ‘पहलकदमी’ बन रही स्वास्थ्य सेवा
लोहागांव जैसे दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य टीम की यह पहुंच बताती है कि अब सेवाएं लोगों तक खुद पहुंच रही हैं। दूरी और संसाधनों की कमी जैसी बाधाओं को पार करने की कोशिश तेज हो गई है।

