रायपुर, 04 अप्रैल। All India Tiger Estimation 2026 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल, जगदलपुर में फील्ड स्तर का सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह सर्वे वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर किया गया।
बीट स्तर पर चला व्यापक अभियान
सर्वे के दौरान वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों ने प्रत्येक बीट में ट्रेल और ट्रांसेक्ट सर्वे के माध्यम से वन्यजीवों की उपस्थिति दर्ज की। लाइन ट्रांसेक्ट सर्वे में शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या, घनत्व और आवास की गुणवत्ता का आकलन किया गया।
बाघ और तेंदुए के संकेतों का अध्ययन
ट्रेल सर्वे के तहत वन क्षेत्रों की पगडंडियों और जलस्रोतों के आसपास बाघ, तेंदुआ सहित अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष साक्ष्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें पगमार्क, मल (स्कैट) और पेड़ों पर खरोंच जैसे संकेतों का अध्ययन शामिल रहा।
डिजिटल तकनीक से बढ़ी सटीकता
पूरे सर्वे के दौरान M-STrIPES ऐप का उपयोग कर सभी आंकड़ों को रियल टाइम में दर्ज किया गया। इससे डेटा की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हुई।
संरक्षण योजनाओं को मिलेगा लाभ
अधिकारियों के अनुसार, औद्योगिक वृक्षारोपण क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों से जुड़े आंकड़े भविष्य की संरक्षण और प्रबंधन योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। यह भी स्पष्ट हुआ कि ये क्षेत्र जैव विविधता के दृष्टिकोण से भी बेहद अहम हैं।
अंतिम विश्लेषण की प्रक्रिया शुरू
फील्ड डेटा संग्रहण पूरा होने के बाद अब इसे अंतिम विश्लेषण के लिए भेजा गया है। उम्मीद है कि इस बार के आंकलन में जगदलपुर क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या और विविधता में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

