रायपुर, 26 मार्च। Restoration of Peace : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब बस्तर संभाग के जगदलपुर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय और मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना केवल एक सुरक्षा उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र में शांति और विश्वास की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है। वर्षों से हिंसा और भय के साये में जी रहे इस क्षेत्र में अब धीरे-धीरे बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जहां भटके हुए लोग मुख्यधारा की ओर लौटने का निर्णय ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और पुनर्वास केंद्रित नीतियों का ही परिणाम है कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार केवल सख्ती नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और अवसर देने की नीति पर कार्य कर रही है, जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
बस्तर में बदलता माहौल और विकास की रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब बंदूक की आवाज़ की जगह विकास की गूंज सुनाई दे रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत क्षेत्रों में तेजी से हो रहे कार्यों ने यहां के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। ग्रामीण इलाकों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है और वे अब स्थायी शांति और प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं। यह आत्मसमर्पण इसी बदलते माहौल का स्पष्ट संकेत है, जहां लोग हिंसा की बजाय विकास को चुन रहे हैं।
केंद्र और सुरक्षाबलों की भूमिका रही अहम
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सशक्त मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने सुरक्षाबलों की बहादुरी, समर्पण और रणनीतिक कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों के कारण ही ऐसे परिणाम संभव हो पा रहे हैं। लगातार चलाए जा रहे अभियान और सटीक रणनीति ने नक्सली नेटवर्क को कमजोर किया है, जिससे आत्मसमर्पण की घटनाएं बढ़ रही हैं।
शांति और विकास की ओर बढ़ता बस्तर
इस ऐतिहासिक आत्मसमर्पण के बाद यह उम्मीद और भी मजबूत हो गई है कि बस्तर क्षेत्र जल्द ही पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश के सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। यह बदलाव केवल प्रशासनिक प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की बढ़ती जागरूकता और बेहतर भविष्य की आकांक्षा का भी प्रतीक है।

