Joint Action : बरामद खाल और कानूनी कार्रवाई…कई जिलों से जुड़े आरोपी…पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

Joint Action : बरामद खाल और कानूनी कार्रवाई…कई जिलों से जुड़े आरोपी…पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

रायपुर, 25 मार्च। Joint Action : राज्य में चलाए जा रहे वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

केशकाल वनमंडल में संयुक्त कार्रवाई

यह कार्रवाई 19 मार्च 2026 को केशकल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा संयुक्त रूप से की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की।

खरीदार बनकर रची गई रणनीति

वन विभाग के एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और वाहन में तेंदुए की खाल लेकर ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि तेंदुए का शिकार लगभग सात महीने पहले अवैध हथियार से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया और शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई।

बरामद खाल और कानूनी कार्रवाई

बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई। वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कई जिलों से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में वन विभाग और राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य में जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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