Bastar Heritage Marathon 2026 : 9,800 धावकों ने रचा इतिहास…शांति और विकास की नई पहचान

Bastar Heritage Marathon 2026 : 9,800 धावकों ने रचा इतिहास…शांति और विकास की नई पहचान

रायपुर, 23 मार्च। Bastar Heritage Marathon 2026 ने इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए बस्तर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया। इस भव्य आयोजन में 9,800 से अधिक धावकों ने भाग लिया, जिससे बस्तर की बदलती तस्वीर और शांति का संदेश दुनिया तक पहुंचा।

लालबाग से चित्रकोट तक दौड़ा उत्साह

मैराथन की शुरुआत लालबाग मैदान जगदलपुर से हुई और समापन विश्व प्रसिद्धचित्रकोट जलप्रपात के पास हुआ। 42 किमी की फुल मैराथन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।

अलग-अलग कैटेगरी में हुआ आयोजन

इस मैराथन को समावेशी बनाने के लिए 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की विभिन्न श्रेणियों में आयोजित किया गया।

  • 21 किमी: पोटानार तक
  • 10 किमी: कुम्हरावंड तक
  • 5 किमी: लालबाग से दलपत सागर रानीघाट तक

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

25 लाख की इनामी राशि, ‘बस्तर कैटेगरी’ खास

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपए की आकर्षक इनामी राशि रखी। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर कैटेगरी’ बनाई गई, जिसमें जिले के प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क रखा गया।

शांति और विकास का प्रतीक बना आयोजन

कार्यक्रम में वन मंत्री Kedar Kashyap ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और यह आयोजन शांति, विकास और नई संभावनाओं का प्रतीक है।
वहीं विधायक Kiran Singh Deo ने इसे बस्तर में समृद्धि के नए अध्याय की शुरुआत बताया।

सामाजिक समावेश का अनूठा उदाहरण

इस मैराथन में मांझी-चालकी समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी खास बना दिया। इससे यह साबित हुआ कि बस्तर अब हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। मैराथन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय धावकों ने भी हिस्सा लिया। इससे बस्तर की नई छवि—शांति, खेल और विकास—को वैश्विक पहचान मिली।‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप, शासन की पुनर्वास नीतियों और क्षेत्र में स्थापित होते शांति के माहौल का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।

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