रायपुर, 21 मार्च। Bastar Heritage Marathon 2026 : छत्तीसगढ़ के बस्तर में 22 मार्च 2026 को आयोजित होने जा रही बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 एक अनूठा आयोजन बनने जा रहा है, जहाँ खेल, प्रकृति और सामाजिक परिवर्तन का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
लालबाग से चित्रकोट तक: रोमांचक रूट
यह मैराथन Jagdalpur के ऐतिहासिक Lalbagh Maidan से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध Chitrakote Waterfalls पर समाप्त होगी, जिसे “एशिया का नियाग्रा” भी कहा जाता है। धावक साल के घने जंगलों, सुरम्य रास्तों और पारंपरिक गांवों से गुजरते हुए बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करेंगे।
अलग-अलग कैटेगरी, हर धावक के लिए अवसर
मैराथन में विभिन्न श्रेणियाँ रखी गई हैं:
- 42 किमी (फुल मैराथन)
- 21 किमी (हाफ मैराथन)
- 10 किमी
- 5 किमी (फन रन)
इससे प्रोफेशनल एथलीट्स से लेकर नए प्रतिभागियों तक, सभी को भाग लेने का अवसर मिलेगा।
25 लाख रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि
प्रतियोगिता में कुल 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की गई है। विशेष रूप से बस्तर संभाग के स्थानीय धावकों के लिए अलग कैटेगरी रखी गई है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
बदलाव की मिसाल: पूर्व माओवादी भी बनेंगे धावक
इस आयोजन की सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि इसमें आत्मसमर्पित पूर्व माओवादी युवा भी भाग ले रहे हैं। दंतेवड़ा में चल रहे “लोन वर्राटू” (घर वापस आइए) और पूना मार्ग जैसे पुनर्वास अभियानों के माध्यम से मुख्यधारा में लौटे ये युवा अब खेल के मैदान में अपनी नई पहचान बना रहे हैं।
खेल के जरिए शांति और नई पहचान
जो युवा कभी जंगलों में संघर्ष का जीवन जीते थे, वे अब मैराथन ट्रैक पर अपने भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। प्रोफेशनल कोचों द्वारा दी जा रही ट्रेनिंग से उनका आत्मविश्वास और फिटनेस दोनों मजबूत हो रहे हैं। इस आयोजन में महिला प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। वे अब भय के माहौल से बाहर निकलकर समाज में सम्मान और सुरक्षा के साथ नई शुरुआत कर रही हैं।
मैराथन में बस्तर संभाग के सभी जिलों— सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव—से 200 से अधिक पुनर्वासित कैडर भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही छात्र, युवा, पेशेवर एथलीट और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति का यह मेल बस्तर को “हिडन जेम” के रूप में स्थापित करेगा।
स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए बस्तर जिले के धावकों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का प्रतीक बनकर उभर रहा है। यह पहल दर्शाती है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर हर व्यक्ति समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

