Energy Crisis : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का बड़ा आदेश…! अब PNG वालों को सरेंडर करना होगा LPG कनेक्शन…जानें वजह

Energy Crisis : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का बड़ा आदेश…! अब PNG वालों को सरेंडर करना होगा LPG कनेक्शन…जानें वजह

नई दिल्ली, 15 मार्च। Energy Crisis : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट का खतरा गहरा गया है। इसी बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, वे अब घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। मंत्रालय के अनुसार PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने से गैस आपूर्ति में असमानता, संसाधनों के दोहरे उपयोग और दुरुपयोग की समस्या पैदा होती है। इसलिए यह फैसला गैस वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए लिया गया है। आदेश के तहत PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को सरकारी तेल कंपनियों या उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स से LPG सिलेंडर का रिफिल नहीं मिलेगा।

युद्ध से बढ़ा ऊर्जा संकट

दरअसल, ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे भारत सहित कई देशों के लिए LPG और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। भारत अपनी घरेलू जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में LPG आयात करता है, इसलिए स्टॉक तेजी से घटने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और कई रेस्टोरेंट गैस की कमी के कारण प्रभावित हुए हैं। हालांकि फिलहाल PNG और CNG की आपूर्ति सामान्य बताई जा रही है।

सरकार का आश्वासन

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है और देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने बताया कि 70–80 प्रतिशत उद्योगों को गैस की आपूर्ति जारी है और आयात के स्रोतों को अन्य देशों की ओर शिफ्ट किया गया है।

तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग पैनल का गठन

सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से, रिफाइनरियों से LPG उत्पादन बढ़ाना। बुकिंग और सप्लाई सिस्टम को मजबूत करना। जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई। LNG आयात के लिए अल्जीरिया और ऑस्ट्रेलिया से आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश। तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग पैनल का गठन। इसके अलावा सरकार ने ग्रामीण और बीपीएल परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन की आपूर्ति भी बढ़ा दी है।

कमर्शियल सेक्टर पर असर

गैस की कमी का असर कमर्शियल सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है। कई शहरों में रेस्टोरेंट संचालन में 20–30 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
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