रायपुर, 15 मार्च। Agri Tech Milan 2026 : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट “एग्री टेक मिलन 2026” में सैकड़ों पूर्व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस ऐतिहासिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से भी पूर्व विद्यार्थी शामिल हुए।
महाविद्यालय में पहली बार आयोजित इस एल्युमिनाई मीट में पिछले 28 वर्षों में यहां से उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राएं एक मंच पर एकत्रित हुए। इस अवसर पर दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी लगाया गया, जिसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित किसानोपयोगी नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
कुलपति ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया, जबकि समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने की। इस अवसर पर छात्र संघ 2026 के पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
कृषि अभियांत्रिकी कृषि की रीढ़ : डॉ. चंदेल
समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार आयोजित यह एल्युमिनाई मीट विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करते देखना अत्यंत प्रेरणादायक है, विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को जिन्होंने उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार दिया है।
उन्होंने कहा कि कृषि अभियांत्रिकी कृषि की रीढ़ है और आधुनिक कृषि में कृषि यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत सरकार के विकसित भारत 2047 विजन में भी कृषि अभियांत्रिकी को महत्वपूर्ण साधन माना गया है। उन्होंने छात्रों से किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
कई पूर्व छात्र बने प्रशासनिक अधिकारी और उद्यमी
समारोह की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि पिछले 28 वर्षों में यहां से पढ़े कई विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर कार्यरत हैं। इसके अलावा कई पूर्व छात्र प्रतिष्ठित उद्योगों में निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि अनेक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप शुरू कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। करीब 100 पूर्व छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और वैज्ञानिक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
महाविद्यालय की उपलब्धियां
डॉ. वर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी। इसके बाद 2008 में शोध पाठ्यक्रम शुरू हुए और 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना के साथ स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नवीन प्रौद्योगिकियां विकसित की जा चुकी हैं और 32 डिजाइन पेटेंट भी प्राप्त किए गए हैं।
विभिन्न क्षेत्रों के सफल पूर्व छात्र हुए शामिल
एग्री टेक मिलन 2026 में कई सफल पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें अतुल पाठक (अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग उत्तराखंड), प्रितेश राजपूत (डिप्टी कलेक्टर, जिला सक्ति), वंदना चुरेन्द्र (निदेशक, कोयतुर फिश फार्मिंग), प्रशांत सुब्रमण्यम (निदेशक, कैप्स आइसक्रीम रायपुर) और श्रेया जैन (एसोसिएट मैनेजर, बालको कोरबा) प्रमुख हैं। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी विभाग जी.के. पीढ़िया, प्रगतिशील कृषक बिसेश्वर साहू तथा डॉ. एम.पी. त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.के. नायक ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

