रायपुर, 07 मार्च। CG NEWS : राज्य शासन द्वारा पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को राज्य के प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है।
हर वर्ष करीब 200 विद्यार्थियों को मिलता है लाभ
योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 200 विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है, जिनमें से करीब 130 विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति वर्ग से होते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
योजना के लिए लगातार बढ़ाया जा रहा बजट
राज्य शासन द्वारा इस योजना के लिए निरंतर बजट का प्रावधान किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 में 1000 लाख रुपये, 2024-25 में 1100 लाख रुपये तथा 2025-26 में भी 1100 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रहा बेहतर
योजना के अंतर्गत पढ़ने वाले विद्यार्थियों का शैक्षणिक प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। वर्ष 2022-23 में 10वीं का परिणाम 100 प्रतिशत तथा 12वीं का परिणाम 94.95 प्रतिशत रहा। वहीं 2023-24 में 10वीं का परिणाम 97.26 प्रतिशत और 12वीं का परिणाम 90.24 प्रतिशत दर्ज किया गया।
योजना से विद्यार्थियों का भविष्य हो रहा उज्ज्वल
वर्ष 2024-25 में 10वीं का परिणाम 100 प्रतिशत तथा 12वीं का परिणाम 97.75 प्रतिशत रहा, जो योजना की सफलता को दर्शाता है। इस प्रकार पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को उज्ज्वल बना रहा है।

