रायपुर, 08 फरवरी। Community Policing : छत्तीसगढ़ पुलिस ने वर्ष 2026 के लिए बीट सिस्टम को पूरी तरह मजबूत करने और आधुनिक तकनीक पर आधारित पुलिसिंग को अपनी प्राथमिकता बताया है। इस योजना के तहत थाना क्षेत्रों को छोटे-छोटे बीट में विभाजित किया जाएगा और हर बीट के लिए एक जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो इलाके में होने वाली घटनाओं के लिए जवाबदेह होगा।
बीट प्रभारी इलाके में अपराधियों, संदिग्धों और गतिविधियों पर नजर रखेंगे और स्थानीय लोगों के साथ संवाद बनाए रखेंगे। इसके साथ ही पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का व्यापक इस्तेमाल करेगी। ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, वाहनों की ट्रेसिंग और अपराध जांच में AI आधारित उपकरणों और सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाएगा।
डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस के एजेंडा पर काम
पिछले साल नवंबर में हुई डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस के बाद पुलिसिंग के लिए 107 बिंदुओं का रोडमैप तैयार किया गया। सभी राज्यों को जनवरी में यह एजेंडा भेजा गया है और इसे एक साल में लागू किया जाएगा। वर्ष के अंत में होने वाली डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में इसकी समीक्षा होगी।
छत्तीसगढ़ में इस साल हर थाना और विंग में बीट सिस्टम लागू किया जाएगा। साइबर सेल और क्राइम ब्रांच भी AI तकनीक का इस्तेमाल कर आरोपियों की पहचान और ब्लाइंड केस सुलझाने में मदद करेगी।
नशा, महिला और मानव तस्करी पर विशेष फोकस
पुलिस का लक्ष्य इस साल सूखे नशे के नेटवर्क को तोड़ना है। नवंबर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में नशा रोकने पर चर्चा हुई थी। इसके लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स रायपुर समेत 10 जिलों में सक्रिय है।
साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) को मजबूत करने और संसाधन बढ़ाने की योजना बनाई गई है। छत्तीसगढ़ में 2025 में ATS थाने की स्थापना हुई थी और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया और हाईटेक सॉफ्टवेयर सिस्टम के माध्यम से इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी।
अन्य प्राथमिकताएं
- महिला संबंधित अपराध
- मानव तस्करी की रोकथाम
- साइबर क्राइम की रोकथाम
- बेसिक पुलिसिंग और सामुदायिक पुलिसिंग
- बाल अपराध रोकथाम
- नशा मुक्ति अभियान
नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में 27 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी CM विजय शर्मा ने इस रोडमैप पर बैठक ली। उन्होंने 107 बिंदुओं की रिपोर्ट पर चर्चा की और इसे लागू करने का एक साल का कार्यकाल तय किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बीट सिस्टम, AI तकनीक और विशेष अभियान के माध्यम से अपराध रोकथाम और समाज में सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा।

