BJP Vs Congress : कवासी लखमा की रिहाई…स्वागत में शीर्ष नेतृत्व नदारद…जेल से बाहर आते ही बदले सुर…BJP सरकार को कहा धन्यवाद…डिप्टी CM की तारीफ पर सियासी भूचाल…सुनिए Video

BJP Vs Congress : कवासी लखमा की रिहाई…स्वागत में शीर्ष नेतृत्व नदारद…जेल से बाहर आते ही बदले सुर…BJP सरकार को कहा धन्यवाद…डिप्टी CM की तारीफ पर सियासी भूचाल…सुनिए Video

रायपुर, 05 फरवरी। BJP Vs Congress : जेल से रिहा होने के बाद पूर्व मंत्री कवासी लखमा का बयान अब छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल मचा रहा है। लखमा ने न सिर्फ राज्य की BJP सरकार का धन्यवाद किया, बल्कि डिप्टी सीएम अरुण साव की खुले मंच से तारीफ कर कांग्रेस को असहज कर दिया है। खास बात ये रही कि लखमा की रिहाई के वक्त उनके स्वागत में कांग्रेस का कोई भी शीर्ष नेता मौजूद नहीं था। अब इस पूरे मामले पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी बड़ा बयान दिया है।

लखमा के शब्दों से बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

जेल से रिहा होने के बाद पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। लखमा ने राज्य की BJP सरकार का धन्यवाद करते हुए खासतौर पर डिप्टी सीएम अरुण साव का आभार जताया। कवासी लखमा ने कहा कि, डिप्टी सीएम अरुण साव ने टीवी और अखबारों के जरिए खुलेआम उनके समर्थन में बयान दिया था, जिसके लिए वह उन्हें दिल से धन्यवाद देते हैं। लखमा का कहना है कि जब मुश्किल समय था, तब सार्वजनिक रूप से उनके पक्ष में खड़ा होना उनके लिए मायने रखता है। यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब जेल से रिहाई के दौरान लखमा के स्वागत में कांग्रेस का कोई भी बड़ा या शीर्ष नेता मौजूद नहीं था। यहां तक कि राजधानी में मौजूद कांग्रेस नेता भी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंचे। इस गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी दी प्रतिक्रिया

मामले पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। गृहमंत्री ने लखमा के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अधिकारियों ने उनसे बिना बताए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। विजय शर्मा ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह समझना जरूरी है कि ऐसे अधिकारियों को किसने नियुक्त किया था। इसी कारण लखमा को यह महसूस हुआ कि उनके साथ किसी तरह का षड्यंत्र हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लखमा का यह बयान कांग्रेस के भीतर असहजता बढ़ा सकता है, वहीं BJP को इसे नैरेटिव सेट करने का मौका मिल गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है। कुल मिलाकर, कवासी लखमा का BJP सरकार और डिप्टी सीएम अरुण साव को धन्यवाद देना, कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी और गृहमंत्री का बयान…तीनों मिलकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहे हैं। अब निगाहें कांग्रेस की प्रतिक्रिया और लखमा के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।

कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

गृहमंत्री ने यह भी कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जेल से रिहाई के बाद कवासी लखमा के स्वागत में कांग्रेस का कोई भी वरिष्ठ नेता मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि राजधानी में मौजूद कांग्रेस के कई नेता भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जो पार्टी के भीतर की स्थिति को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई चर्चा

इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी और लखमा द्वारा BJP सरकार को धन्यवाद दिए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मामले को लेकर आगे क्या राजनीतिक रुख अपनाया जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
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