रायपुर, 30 दिसंबर। Year of the Naxalite Attack : छत्तीसगढ़ में साल 2025 सिर्फ़ एक कैलेंडर वर्ष नहीं रहा, यह नक्सली हिंसा और सुरक्षा बलों के बीच निर्णायक टकराव का साल बन गया। बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और अबूझमाड़ के घने जंगलों में IED विस्फोट, घातक घात, और भीषण मुठभेड़ों ने पूरे देश का ध्यान खींचा।
कहीं 60 किलो के IED ने जवानों से भरी गाड़ी को उड़ा दिया, तो कहीं सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों का पूरा दस्ता ढेर हो गया। हर हमला अपने पीछे छोड़ गया शहादत, सन्नाटा और कई अनसुलझे सवाल।
2025 में छत्तीसगढ़ ने देश के सबसे बड़े और घातक नक्सली हमलों को झेला, जहां एक ओर वर्दीधारी जवानों ने जान की बाज़ी लगाई, तो दूसरी ओर नक्सली संगठनों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की आख़िरी कोशिशें कीं।
यह रिपोर्ट आपको ले चलेगी छत्तीसगढ़ में 2025 के 10 सबसे बड़े नक्सली हमलों की उस कड़वी हकीकत तक,
जहां हर तारीख़ इतिहास बन गई और हर शहादत ने इस लड़ाई की कीमत याद दिला दी।
2025 में छत्तीसगढ़ की नक्सल प्रभावित इलाकों में कई बड़े और गंभीर घटनाएँ हुईं, जहां नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया और गंभीर संघर्ष देखने को मिला। इन हमलों ने सुरक्षा चुनौतियों और प्रदेश में जारी गंभीर संघर्ष को फिर उजागर किया है।
बीजापुर में IED हमला- 8 जवान और 1 ड्राइवर शहीद
6 जनवरी 2025 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के वाहन पर 60-70 किलो का IED विस्फोट कर दिया, जिसमें 8 District Reserve Guard (DRG) के जवान और एक नागरिक ड्राइवर की मौत हो गई। यह हाल के वर्षों का राज्य का सबसे बड़ा नक्सली हमला माना गया।
बस्तर के जंगल में 31 नक्सली ढेर, 2 सुरक्षाकर्मी शहीद
9 फरवरी 2025 को इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ में कम से कम 31 नक्सलियों को मार गिराया गया, जबकि 2 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। यह 2025 का सबसे घातक एनकाउंटर माना गया।
अबूझमाड़ में शीर्ष नक्सली नेता की ढेर
21 मई 2025 को अबूझमाड़ जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में कम से कम 27 नक्सलियों को मार गिराया गया, जिसमें CPI (माओवादी) का सीनियर नेता नंबाला केशव राव (उर्फ बासवराजू) शामिल था।
नारायणपुर में 6 नक्सली मारे गए
18 जुलाई 2025 को नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में 6 नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने एनकाउंटर में ढेर किया; जहां से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुए।
छोटे स्क्वाड का एनकाउंटर, 3 नक्सली ढेर
12 जनवरी 2025 को बीजापुर के इंद्रावती नेशनल पार्क के पास छोटे एनकाउंटर में 3 नक्सलियों को ढेर किया गया, जब संयुक्त सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया।
लगातार बड़े ऑपरेशन और हथियार बरामदगी
साल 2025 में जारी ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में हथियार, AK-47, SLR और विस्फोटक बरामद किए, जिससे नक्सलियों की क्षमता कुछ हद तक कमजोर हुई।
सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई
बीजापुर, बस्तर और नारायणपुर के जंगलों में नक्सलियों द्वारा लगातार IED तैनात किए गए, जिसमें कई बार सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
राज्य में बड़े संगठित अभियानों का प्रभाव
2025 में Operation Black Forest जैसे संयुक्त अभियानों में सुरक्षा बलों ने नक्सली ठिकानों पर बड़ा दबाव डाला और कई कैडरों को बेअसर किया।
सुरक्षा बलों के शहीदों और घायल जवानों की संख्या में वृद्धि
नक्सली हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के दौरान कई जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए, और शहीदों के परिवारों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।
नक्सल विरोधी नीति और प्रतिक्रिया
इन हमलों के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प दोहराया और सुरक्षा रणनीति को और अधिक कड़ा किया।
2025 की चुनौतीपूर्ण लड़ाई
2025 में छत्तीसगढ़ के बस्तर तथा बीजापुर/नारायणपुर इलाकों में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार संघर्ष जारी रहा। IED हमलों और बड़ी मुठभेड़ों ने शोर मचाया। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को जवाबी कार्रवाई में भारी नुकसान पहुंचाया। नक्सली हिंसा को रोकने के लिए दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई तेज हुई।
यह वर्ष छत्तीसगढ़ की सुरक्षा चुनौती और आंतरिक संघर्ष को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा करता है, जहां सुरक्षा बलों की सक्रियता, सामरिक तैयारियों और सामुदायिक समर्थन की आवश्यकता और भी स्पष्ट हुई है।

