Bastar : बस्तर की जनजातीय संस्कृति ने मोहा बेल्जियम के मेहमानों का मन…धनकुल एथनिक रिजॉर्ट बना आकर्षण का केंद्र

Bastar : बस्तर की जनजातीय संस्कृति ने मोहा बेल्जियम के मेहमानों का मन…धनकुल एथनिक रिजॉर्ट बना आकर्षण का केंद्र

रायपुर, 09 नवंबर। Bastar : छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होकर बेल्जियम से आए पर्यटकों के एक दल ने कोंडागांव स्थित धनकुल एथनिक रिजॉर्ट का भ्रमण किया। बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर और जीवनशैली को नज़दीक से देखने पहुंचे इन अतिथियों ने रिजॉर्ट परिसर में बने ट्राइबल म्यूज़ियम का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित पारंपरिक वस्त्र, आभूषण, हथकरघा और जनजातीय कलाकृतियों की प्रशंसा की।

 बेल्जियम के पर्यटक धनकुल एथनिक रिजॉर्ट पहुंचे, बस्तर की जनजातीय संस्कृति देख हुए अभिभूत

अतिथियों का स्वागत पारंपरिक शैली में गुड़हल के फूलों की चाय से किया गया। बस्तर के हरे-भरे जंगलों, जनजातीय संगीत और पारंपरिक आतिथ्य ने विदेशी पर्यटकों को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए “अविस्मरणीय और आत्मा को छू लेने वाला” रहेगा।

पर्यटकों ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि आधुनिक युग में भी प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण का इतना जीवंत संगम कहीं देखने को मिल सकता है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र को और अधिक गहराई से जानने की इच्छा जताई और कहा कि वे “बार-बार यहां लौटना चाहेंगे।”

 बेल्जियम के पर्यटक धनकुल एथनिक रिजॉर्ट पहुंचे, बस्तर की जनजातीय संस्कृति देख हुए अभिभूत

विदेशी मेहमानों ने स्थानीय प्रशासन, पर्यटन विभाग और राज्य सरकार की उत्तम व्यवस्थाओं और मेहमाननवाज़ी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बस्तर न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता से बल्कि अपनी आत्मिक सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

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