रायपुर, 03 नवंबर। CG News : देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ तुलसी विवाह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया और सपरिवार पूजा-अर्चना में भाग लिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देवउठनी एकादशी धर्म, अध्यात्म और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है। भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि तुलसी विवाह समाज में पवित्रता, सौहार्द और एकत्व की भावना को जागृत करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। यह पर्व परिवार, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। इसके माध्यम से जीवन में सात्त्विकता, सद्भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता की मंगलकामना करते हुए कहा कि भगवान विष्णु और माता तुलसी की कृपा से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और सौहार्द का वास हो।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और नव आरंभ का प्रतीक भी है। उन्होंने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह के पावन अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ दी और इसे समृद्ध परंपराओं, लोकआस्था और जीवनमूल्यों को जीवंत रखने का अवसर बताया।

