रायपुर, 16 सितंबर। Final Warning to NHM Workers : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो संविदा कर्मचारी आज से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होंगे, उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
एक माह का नोटिस, फिर सेवा समाप्त
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार, जो संविदा कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, उन्हें एक माह का नोटिस देकर, संविदा सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश सीधे सभी जिलों के CMHO को भेजा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
कामबंदी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
पिछले कुछ दिनों से NHM के कई संविदा कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर कामबंद आंदोलन पर हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। सरकार ने पहले भी चेतावनी दी थी कि जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार्य नहीं है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने कहा कि संविदा कर्मचारी यदि आंदोलन जारी रखते हैं और निर्धारित समयसीमा में काम पर नहीं लौटते, तो विभाग उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू करेगा।
NHM के तहत कार्यरत संविदा कर्मी कौन हैं?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत ANM, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, डेटा एंट्री ऑपरेटर, डॉक्टर एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ संविदा पर नियुक्त होते हैं, जो राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की रीढ़ माने जाते हैं।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए शासन ने सख्त निर्णय लिया है। NHM कर्मियों के लिए यह आखिरी चेतावनी मानी जा रही है। देखना होगा कि कर्मचारी संगठन इस पर क्या रुख अपनाते हैं।

