रायपुर, 24 अगस्त। All India Speakers Conference : छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है और आज भी पंचायती राज जैसी व्यवस्थाएं लोकतंत्र की जड़ें मजबूत कर रही हैं।
डॉ. सिंह नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस को “भारत लोकतंत्र की जननी” विषय पर संबोधित कर रहे थे। डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने का अहम माध्यम हैं। इन्हीं के जरिए जनता की आकांक्षाएं शासन की नीतियों में बदलती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पंचायतें सामूहिक निर्णय, संवाद और समाधान की जीवंत इकाई रही हैं। प्राचीन काल में भी ग्राम सभाएं, जन सुनवाई और जन भागीदारी जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं प्रचलन में थीं। पंचायती राज आज भी भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है। संविधान सभा का गठन भी लोकतंत्र की गहराई को दर्शाता है।
सम्मेलन का आयोजन और उद्देश्य
यह सम्मेलन देश के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर वीर विठ्ठल भाई पटेल की जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
चर्चा का फोकस
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और मजबूत बनाना।
विधायी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जन सहभागिता बढ़ाना।
लोकतंत्र के मूल्यों पर राष्ट्रव्यापी चर्चा।
संविधान सभा और पंचायती परंपराओं की महत्ता।
आगामी चुनौतियों पर विचार और समाधान।
डॉ. रमन सिंह के वक्तव्य ने न केवल छत्तीसगढ़ की भूमिका को रेखांकित किया, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के वैश्विक महत्व को भी एक बार फिर सामने लाया।

