Rajim Kumbh Kalp : छत्तीसगढ़ के प्रयागराज में कुंभ कल्प का होगा आगाज़, देशभर से शामिल होंगे हजारों साधु संत और नागा

Rajim Kumbh Kalp : छत्तीसगढ़ के प्रयागराज में कुंभ कल्प का होगा आगाज़, देशभर से शामिल होंगे हजारों साधु संत और नागा

Rajim Kumbh Kalp

राजिम। छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में धर्म, अध्यात्म, परम्पराओं और संस्कृति का संगम राजिम कुम्भ कल्प का आगाज 24 फरवरी से त्रिवेणी संगम में होगा, जो 15 दिन महाशिवरात्रि 8 मार्च तक चलेगा। राजिम में तीन नदियों का संगम है, इसलिए इसे त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है।

यहां मुख्य रूप से तीन नदियां बहती हैं, जिनके नाम क्रमशः महानदी, पैरी नदी और सोंढूर हैं। संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव जी विराजमान हैं। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2001 से राजिम मेले को राजीव लोचन महोत्सव के रूप में मनाया जाता था। वर्ष 2005 से इसे और भव्य रूप के साथ राजिम कुंभ कल्प मेला के रूप में मनाया जाने लगा।

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राजिम कुंभ कल्प में देशभर से हजारों की संख्या में साधु संत, लाखों की संख्या में देश और विदेश से लोग पहुंचेंगे और आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस बार देश के कोने-कोने से आने वाले हजारों साधु संत, शंकराचार्य, महामंडलेश्वर और नागा साधु कुंभ की शोभा बढ़ाएंगे।

इनके रखने की व्यवस्था सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा पहली बार पंडित प्रदीप मिश्रा, बागेश्वर धाम से धीरेंद्र शास्त्री भी कुंभ में शामिल होंगे। शासन और प्रशासन कुंभ को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी में जुटी हुई है। मेला स्थल में पार्किंग बनाया जा रहा है।

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त्रिवेणी संगम में 15 दिनों तक महानदी आरती के लिए घाट तैयार किया जा रहा है। तीन महत्वपूर्ण स्नान के लिए कुंड तैयार किया जा रहा है। करीब 20 फीट चौड़े सड़क बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पेजयजल की व्यवस्था साधु संतों के लिए डोम और मुख्य मंच बनाया जा रहा है जो 15 दिनों तक आकर्षण का केंद्र रहेगा।

त्रिवेणी संगम में भव्य मुख्य मंच बनाया जा रहा हैं जो 15 दिनों तक मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। इस मंच में जनप्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे। संत समागम होगा। प्रदेश और देश के कई बड़े कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कुंभ कल्प मेले में लाखों लोगो के पहुंचने की संभावना लगाई जा रही है जिसके लिए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये जा रहे है।

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सैकड़ों सीसीटीवी कैमरा, पुलिस बल, गोताखोर और कई स्थानों में पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है। बता दें कि 2005 भाजपा शासन काल में राजिम कुम्भ शुरू हुआ था 2018 में सरकार बदली तो नाम भी बदल गया।

राजिम कुम्भ कल्प से कांग्रेस शासन में राजिम माघी पुन्नी मेला रखा गया 5 साल बाद फिर भाजपा सत्ता में आई तो फिर नाम राजिम कुम्भ कल्प रखा गया। राजिव लोचन मंदिर से लेकर कुलेश्वर महादेव मंदिर और पूरे राजिम शहर को सजाया जा रहा है। 24 फरवरी से इस ऐतिहासिक राजिम कुंभ कल्प का शानदार आगाज होगा।

 

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