Biranpur Hatyakand
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा विधायक ईश्वर साहू ने अपने पुत्र की हत्या को लेकर बुधवार को सदन में न्याय मांगा। जब वह अपनी बात कह रहे थे तब पूरा सदन उन्हें मौन रहकर सुन रहा था। पीड़ा बताते समय ईश्वर साहू का गला रुंध गया। उन्होंने कहा कि पुत्र की हत्या में 34 लोग जिम्मेदार हैं, पर पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। केवल 12 लोगों की गिरफ्तारियां की गईं।
दरअसल, ध्यानाकर्षण के जरिए भाजपा विधायक ईश्वर साहू ने बुधवार को सदन में मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि 36 आरोपियों का नाम दिया था, 12 को ही गिरफ्तार किया गया बाकी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि, घटना के वक्त CBI जांच की बात कही गई थी।
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क्या सीबीआई जांच कराई जाएगी? प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मैं अभिभूत हूं कि ईश्वर साहू जैसे पराक्रमी पिता हमारे सामने इस सदन में उपस्थित हैं। मैं मामले की जांच सीबीआइ से कराने की अनुशंसा करता हूं। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने सदन में जांच की घोषणा की।
इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें अब तक की कार्यवाही की जानकारी दी। बताया गया कि 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, विवेचना जारी है, चालान भी पेश कर दिया गया है। सदस्य ईश्वर ने कहा कि अंजोर यदू की वजह से माहौल बिगड़ा, उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? साथ ही यह भी जानना चाहा कि गांव के विशेष समुदाय के लोगों से हथियार जब्त क्यों नहीं किया गया?
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बता दें कि अप्रैल 2023 के दिन दो गुटों में हुए झगड़े के बीच भुवनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। मामले ने तूल पकड़ा। झगड़ा बच्चों की मारपीट से शुरू हुआ। बवाल इतना हुआ कि गांव में कुछ घर जला दिए गए। इसके बाद क्षेत्र सांप्रदायिक हिंसा की आग में जलने लगा था।
इसके 4 दिन के बाद गांव के ही रहीम (55) और उसके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की हत्या कर दी गई। जिले में धारा 144 लगा दी गई थी। गांव में तो दो सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा। दोनों समुदायों के दर्जनों लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

