विश्व का सबसे बड़ा नौसेना युध्दाभ्यास विशाखापट्टनम में शुरु होने जा रहा है, 27 फरवरी तक चलने वाले इस अभ्यास में 50 से अधिक देशों की नौसेनाएं शामिल होंगी, इतने व्यापक स्तर के नौसैनिक युद्धाभ्यास मिलन-24 (MILAN 24) में 18 युद्धपोतों और विमानों का बेड़ा महासागर और बंदरगाह पर सैन्य अभ्यास करेगा. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक युद्धाभ्यास की पूर्वसंध्या पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि है, समुद्र की सुरक्षा के लिए नौसेना का समर्पण उल्लेखनीय है, वास्तव में अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास है.

50 देशों के नौसेनिक करेंगे युध्दाभ्यास MILAN – 24
बता दे कि भारतीय नौसेना में पहली बार 50 देशों के साथ नौसैनिक युद्धाभ्यास करने जा रहे है, नौसेना प्रमुख ने कहा कि वियतनाम पीपुल्स नेवी के कार्वेट 20 और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के यूएसएस हैल्सी (डीडीजी-97) जहाज विशाखापत्तनम पहुंच चुके हैं, मिलन 24 का सार सहयोग, सामंजस्य और बातचीत में निहित है, यह प्रमाण है कि सभी देश समुद्री सुरक्षा के लिए साझे रूप से प्रतिबद्ध हैं.
🇮🇳🤝🇮🇷Khoshomadid! #IndianNavy welcomes IRIS Dena, a Moudge Class Frigate of the Iranian Navy at #Visakhapatnam, #AndhraPadesh for participation in the Multilateral Naval Exercise #MILAN2024.
This is a reflection of our shared historical & cultural linkages. 🌊⚓🚢… pic.twitter.com/TTbWgqeuGM
— Eastern Naval Command 🇮🇳 (@IN_HQENC) February 19, 2024
पूर्वी नौसैनिक कमांड ने एक्स पर पोस्ट करके वियतनाम की नौसेना के कोरवेट-20 जहाज और अमेरिकी नौसेना के यूएसएस हलसे (डीडीजी-97) का स्वागत किया है, MILAN – 24 दोनों देशों के युद्धपोत विशाखापत्तनम पहुंच चुके हैं, गहरे समुद्र में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए मिलन एक अच्छा मंच साबित होगा, विभिन्न देशों के विकास के लिए वाणिज्य और समृद्धि के लिए इस क्षेत्र में हर तरह की सुरक्षा बेहद जरूरी है.

नौसेना प्रमुख ने कहा कि अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, MILAN – 24 अनुरोध पत्र को रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मंजूरी दे दी है, पत्र अमेरिकी सरकार के पास चला गया है, उन्होंने हमें एक मसौदा पत्र दिया है, अब इसे (अमेरिकी) कांग्रेस समिति के समक्ष रखा जाएगा, उम्मीद करते हैं कुछ ही महीने में इस सौदे को अंतिम रूप दे दिया जाएगा, उन्होंने यह भी कहा कि अनुबंध हस्ताक्षर होने के बाद इसके निर्माण और सौंपने की एक समय सीमा है.

