रायपुर. ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार को राजधानी रायपुर पहुंचे. एयरपोर्ट में शंकराचार्य ने पत्रकारों से चर्चा की, उन्होंने गोमाता, नक्सल समस्या, ज्ञानवापी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की. चंदखुरी में भगवान राम की मूर्ति को बदलने को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि, मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के वक्त सारी बातों को देखना और समझना चाहिए था, प्रतिष्ठित होने के बाद श्रृंगार कर कमी दूर कर देते हैं, जहां भगवान की स्थापना हो गई, वहां सब कुछ मधुर है. जहां भगवान हैं, वहां सौंदर्य ही सौंदर्य है, अगर कोई सौंदर्य नहीं देख पा रहा तो उनके आंखों की खोट है.
लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि, गौहत्या हमारे लिए सबसे बड़ा मुद्दा है, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार को गोमाता को राजमाता का दर्जा देने को कहा है, जिससे केंद्र सरकार भी गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दे पाए. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आजादी का अमृतकाल चल रहा है लेकिन गौहत्या अब तक बंद नहीं हुई है. साथ ही कहा कि, जो गौ हत्यारी दलों के साथ जुड़ा होगा, उसे हिंदू नहीं मानेंगे, गौ हत्यारी पार्टियों को जो वोट देंगे, वह गौहत्या के पाप के भागी होंगे.

विपक्ष लगातार जातिगत जनगणना की मांग कर रहा है, इसी मुददे को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, भारत के सब निवासी एक हैं तो जातिगत जनगणना क्यों? जो जिस जाति को मान रहा है, उसे मानने दिया जाए, जाति व्यक्तिगत उन्नयन के लिए है, राजनीति करने के लिए नहीं, एक दल को धर्म की राजनीति करनी है तो दूसरे को जाति की, जातिगत जनगणना उचित नहीं है, ऐसा हमारा मानना है.
नक्सल समस्या के समाधान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, परायापन हटाकर नक्सलियों से बात करने की जरूरत है, उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने की आवश्यकता है, कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए नक्सलियों को बढ़ावा देते हैं. ऐसे लोगों पर कड़ाई करने की जरूरत है, नक्सलियों को भड़काने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
वाराणसी के ज्ञानवापी में पूजा अर्चना को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहा कि, ज्ञानवापी नहीं जितनी वापी है, वहां जाकर हम पूजा अर्चना शुरू करेंगे, हमारा अधिकार बनता है, हम अपने स्थानों को फिर से वापस लें, इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
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